दमोह : 31 दिसम्बर / नववर्ष के दौरान 31 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 तक जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल/मंदिर, (बांदकपुर, कुण्डलपुर, जटाशंकर, बड़ी देवी मंदिर आदि) पर्यटन स्थल, नदी,तालाब,झरना तथा अन्य ऐसे सभी स्थल जहां पर अधिक संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक आने की संभावना होने पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उत्तरदायित्व सौंपे हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि विभागवार व्यवस्थाएं समयबद्ध और समुचित रूप से की जाएं। संपूर्ण व्यवस्थाओं के नोडल अधिकारी संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दंडाधिकारी, होगें जो समस्त विभागो से समन्वय स्थापित कर संपूर्ण व्यवस्थाएं कराना सुनिश्चित करेगें।
जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर ने कहा राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाही की जाये, सभी स्थलों पर पर्यटकों/श्रद्धालुओं की संभावित संख्या का आंकलन कर उसके अनुसार भीड़ नियंत्रण की सुव्यवस्थित योजना बनाई जाए तथा योजना का पालन सुनिश्चित किया जावे। आकस्मिक स्थिति से उत्पन्न संभावनाओं को देखते हुए इमरजेंसी रिस्पोन्स प्लान तैयार रखा जाये। विशेष परस्थितियों के लिये एक मार्ग निर्धारण किया जाए। विशेष परस्थितियों के लिये प्रवेश एवं निकासी द्वार भी निर्धारण किये जाए। जहां पर्यटको,श्रद्धालुओं का बड़ी संख्या में आगमन अपेक्षित है, वहाँ पर सुरक्षा एवं व्यवस्था सम्बन्धी मॉक ड्रिल की जाये। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल व महिला पुलिस कर्मी तैनात किये जाएं। आवश्यकता अनुसार लाउडस्पीकरों की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।सीसीटीवी चालू स्थिति में रखे जाये तथा उनकी सतत मॉनिटरिंग की जाये।
उन्होंने कहा पुलिस एवं यातायात प्रभारी प्रमुख धार्मिक स्थलों/मंदिरों, सभी पर्यटन स्थलों, नदी/तालाब/झरना और अन्य संभावित भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन स्थलों पर विशेष सुरक्षा उपाय लागू हों। भीड़ प्रबंधन के लिए ट्रैफिक पुलिस की विशेष तैनाती की जाए। प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया जाये । भीड़ नियंत्रण के लिए स्थलों पर बैरिकेडिंग की प्रभावी व्यवस्था हो। बैरिकेडिंग का उपयोग मार्गदर्शन, भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील स्थानों तक अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए किया जाये। बैरिकेडिंग की नियमित जांच की जाए ताकि इसकी स्थिति कार्यशील और सुरक्षित रहे। संवेदनशील स्थलों पर नियमित गश्त और निगरानी की जावें। शराब के नशे में वाहन चलाने वालों की पहचान के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। पुलिस विभाग ब्रेथ एनालाइजर और अन्य उपकरणों का उपयोग करते हुए प्रभावी जांच करे। दोषी पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, जनता को जागरूक करने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों के बारे में विशेष अभियान चलाया जाए। अवैध गतिविधियों, जैसे अवैध शराब की बिक्री, असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और अन्य गैरकानूनी कार्यों पर कड़ी निगरानी रखें। नियमित गश्त, खुफिया जानकारी का उपयोग, और स्थानीय समुदाय से संवाद स्थापित करके ऐसे कार्यों को रोका जाये।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कहा कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से बांदकपुर, कुण्डलपुर, बड़ी देवी मंदिर तथा अन्य आवश्यक स्थलों पर एक-एक एम्बूलेंस रखना सुनिश्चित की जाये। एम्बूलेंस में डाक्टर एवं कर्मचारियों की टीम मय उपकरण सहित सुसज्जित रखी जाये। सभी शासकीय अस्पतालों (जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र) पर डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की समुचित ड्यूटी लगाई जाए। सभी संबंधित डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी आदेश तैयार कर इस कार्यालय को शीघ्रातिशीघ्र भेजना सुनिश्चित करें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि तैनात स्टाफ के पास आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। आवश्यक औषधियों एवं चिकित्सा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को सुसज्जित करने हेतु विशेष निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा यह सुनिश्चित किया जाए कि इलाज के लिए आए किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने हेतु सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं।
जिला मजिस्ट्रेट श्री कोचर ने कहा प्रमुख धार्मिक स्थलों/मंदिरों एवं उसके आस-पास, सभी पर्यटन स्थलों एवं अन्य स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जावे। यह सुनिश्चित किया जाए कि तीर्थस्थलों, पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की गंदगी या कचरे का ढेर न हो। रात्रि के समय सभी प्रमुख स्थलों पर पर्याप्त और प्रभावी प्रकाश व्यवस्था की जाए। प्रकाश व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी खराब लाइट को तुरंत ठीक किया जाए। प्रत्येक स्थल पर फायर ब्रिगेड और अग्निशमन यंत्रों की तैनाती सुनिश्चित करें। अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता की पूर्व जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कर्मी अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करने में प्रशिक्षित हों। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक विशेष अग्निशमन टीम स्टैंडबाय पर रखी जाए। आपात स्थिति में उपयोग के लिए आवश्यक उपकरण, जैसे क्रेन, ट्रक, और अन्य भारी मशीनरी को तैयार रखें। यह सुनिश्चित करें कि ये उपकरण तुरंत उपयोग के लिए उपलब्ध हों।उन्होंने कहा जिले में अवैध शराब की बिक्री की सख्त रोकथाम के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जाए। स्थानीय थानों और पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विशेष टीमों का गठन करें, जो संवेदनशील इलाकों में नियमित रूप से निरीक्षण करें। अवैध शराब की बिक्री या उत्पादन में लिप्त व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि लाइसेंसी दुकानदार की दुकानों का संचालन समय सीमा के भीतर हो। शराब पीकर वाहन चलाने वालों की पहचान के लिए पुलिस विभाग के साथ मिलकर विशेष चेकिंग पॉइंट्स बनाए जाएं।
