अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग, एसडीएम आर.एल. बागरी को सौंपा ज्ञापन

दमोह। शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की निर्मम हत्या के विरोध में मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद् के आह्वान पर जिला अधिवक्ता संघ दमोह के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। हालांकि शहर में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं, लेकिन न्यायालयीन कार्य प्रभावित रहा।अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम आर.एल. बागरी को सौंपा और प्रदेश में शीघ्र “अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम” लागू करने की मांग की।
न्यायालय परिसर में जताया आक्रोश
जिला अधिवक्ता संघ दमोह के अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज के नेतृत्व में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए। इस दौरान उपाध्यक्ष सुरेश कुमार खत्री, सचिव सुधीर पांडे, एडवोकेट विवेक मोदी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। यदि अधिवक्ता ही असुरक्षित रहेंगे तो न्याय प्रणाली की मजबूती पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाएगा। यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरी विधि व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।
अधिवक्ता सुरक्षा कानून की मांग तेज
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि प्रदेश में अधिवक्ताओं पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे अधिवक्ता समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल है। ऐसी स्थिति में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कानून बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है।
अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगें—
- अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम शीघ्र लागू किया जाए।
- अधिवक्ताओं पर हमले की घटनाओं में कठोर दंड का प्रावधान किया जाए।
- दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।
आगे आंदोलन की चेतावनी
जिला अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शासन द्वारा शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत अधिवक्ता संजय सक्सेना को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनके परिजनों को न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया गया।
