दमोह 01 Feb/विशेष संवाददाता “कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो…” आधुनिक हिंदी ग़ज़ल के प्रख्यात रचनाकार दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियाँ दृढ़ संकल्प और अथक प्रयास का संदेश देती हैं। यही संदेश दमोह के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल और उनकी टीम ‘उम्मीद’ ने अपने कार्य से साकार कर दिखाया। टीम ‘उम्मीद’ के 13वें साप्ताहिक स्वच्छता अभियान के अंतर्गत इस बार शहर से आगे बढ़ते हुए ग्रामीण क्षेत्र को चुना गया। ग्राम भदोली की लगभग 300–400 वर्ष पुरानी, वर्षों से उपेक्षित पड़ी ऐतिहासिक बावड़ी को श्रमदान के माध्यम से साफ कर पुनर्जीवित किया गया। ग्रामीण बुजुर्गों के अनुसार यह बावड़ी कभी गांव की जीवनरेखा हुआ करती थी। कहा जाता है कि भंडारे के समय यदि घी कम पड़ जाता था, तो इस बावड़ी के जल से भोजन तैयार कर लिया जाता था। लेकिन वर्षों से देखरेख के अभाव में यह धरोहर जर्जर होती चली गई और विलुप्ति के कगार पर पहुंच गई थी। शनिवार की शाम हरीश पटेल ने बावड़ी के समीप बैठकर इसके संरक्षण और पुनर्जीवन का संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से संपर्क कर रविवार का स्वच्छता अभियान बावड़ी के पुनरुद्धार को समर्पित करने का प्रस्ताव रखा। कलेक्टर कोचर ने तुरंत सहमति दी और स्वयं मौके पर पहुंचकर अभियान में भाग लिया। कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा, “इस बावड़ी को पूर्ण रूप से संरक्षित किया जाएगा। पूर्व में बांदकपुर की बावड़ी का संरक्षण किया जा चुका है। भदोली की इस ऐतिहासिक धरोहर को भी उसके पुराने स्वरूप और वैभव के साथ पुनः संवारा जाएगा। अगले दो से तीन महीनों में इसका नया रूप देखने को मिलेगा।” रविवार सुबह 8:00 बजे से 10:30 बजे तक चले इस अभियान में ग्राम भदोली के सरपंच सहित ग्रामीणों ने दो घंटे से अधिक श्रमदान किया। गांववासियों ने कहा कि पहले भी कई बार आश्वासन मिले, लेकिन कोई अमल नहीं हुआ। टीम ‘उम्मीद’ न केवल वादे पर खरी उतरी, बल्कि प्रशासन को भी साथ लेकर आई, जिससे गांव में विश्वास और उत्साह का माहौल बना। सरपंच पप्पू ने ग्रामीणों के सहयोग से पूरी टीम के लिए नाश्ते की व्यवस्था की। अभियान के बाद गांव में खुशी और संतोष साफ नजर आया। इस स्वच्छता अभियान में टीम ‘उम्मीद’ के राकेश राठौर, शिवम सोनी, मनोज गुप्ता, जितेंद्र अहिरवार, माधव पटेल, नैना तिवारी, डाली कटारे, ब्रजेश सेन, सुमित, साथ ही जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक सुशील नामदेव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। हरीश पटेल ने कहा कि हर अभियान में नई पहल करने का उनका प्रयास रहता है और टीम के सभी सदस्यों के सहयोग से स्वच्छता अभियान निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भविष्य में भी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हित में इसी तरह कार्य जारी रहेगा। जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक सुशील नामदेव ने कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल स्वच्छता बढ़ती है, बल्कि जिले की ऐतिहासिक जल-संरचनाओं को संरक्षित करने का अवसर भी मिलता है। दमोह जिले में कई प्राचीन बावड़ियाँ हैं, जिन्हें सहेजने की आवश्यकता है।
