कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रकारों से मारपीट मामले में सख्त कार्रवाई की मांग, सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी उठाए सवाल

दमोह,17 Feb/ जिले के पत्रकारों ने मंगलवार को एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और 11 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता, धक्का-मुक्की एवं मारपीट की घटना के मुख्य आरोपी महेंद्र सिंह लोधी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पत्रकारों ने कहा कि घटना को कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी का पुलिस गिरफ्त से बाहर रहना कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि घटना के संबंध में कोतवाली थाना में प्रकरण दर्ज है तथा कुछ आरोपियों पर कार्रवाई भी की गई है, किंतु मुख्य आरोपी अब तक फरार है। पत्रकारों का आरोप है कि आरोपी न केवल गिरफ्तारी से बच रहा है, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगातार भड़काऊ, आपत्तिजनक और जातिगत वैमनस्य फैलाने वाली पोस्ट साझा कर रहा है। इन पोस्टों से सामाजिक सद्भाव और जिले की शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है।
पत्रकारों ने कहा कि जिस व्यक्ति पर पत्रकारों के साथ मारपीट का आरोप है, उसका खुलेआम सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना और उकसाने वाली टिप्पणियां करना यह दर्शाता है कि उसे कानून का भय नहीं है। इससे पत्रकार समुदाय में रोष के साथ-साथ असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि जब आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, तो उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही।ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष पुलिस टीम गठित की जाए, संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाए तथा साइबर सेल को सक्रिय कर उसकी सोशल मीडिया आईडी की निगरानी और आवश्यकतानुसार उसे ब्लॉक कराया जाए। साथ ही आईटी एक्ट एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में अतिरिक्त प्रकरण दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
पत्रकारों ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्रकारों के साथ इस प्रकार की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात हैं। यदि समय रहते आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले के पत्रकार चरणबद्ध आंदोलन, कलमबंद हड़ताल और व्यापक विरोध प्रदर्शन करने को विवश होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।अंत में पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की, ताकि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
