दूसरी किश्त जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत,लोकायुक्त ट्रैप में रंगे हाथ पकड़ा गया था आरोपी

दमोह | 05 फरवरी 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजना में रिश्वतखोरी करने वाले नगर पालिका कर्मी को न्यायालय ने कड़ा संदेश देते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह संतोष कुमार गुप्ता की अदालत ने नगर पालिका परिषद हटा में पदस्थ पंप संचालक सचिन दीक्षित को दोषसिद्ध पाते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 07 के अंतर्गत 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
क्या है पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार, 05 जनवरी 2019 को फरियादी राजू सिंह राजपूत ने लोकायुक्त पुलिस सागर के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान निर्माण की दूसरी किश्त जारी कराने के एवज में ₹15,000 की रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत के सत्यापन के बाद 07 जनवरी 2019 को लोकायुक्त टीम द्वारा ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी सचिन दीक्षित को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
मुख्य अधिकारी का नाम लेकर ली थी रिश्वत
ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी ने यह स्वीकार किया कि उसने यह राशि तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कहने पर ली थी। मामले की विवेचना के दौरान भौतिक, मौखिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्र कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
फरियादी मुकरा, फिर भी सजा बरकरार
मामले की सुनवाई के दौरान फरियादी राजू सिंह राजपूत न्यायालय में पक्षविरोधी हो गया, लेकिन अभियोजन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्य, मौखिक बयान और ठोस तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
हालांकि, न्यायालय ने प्रियंका झारिया (तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी) को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी
मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन धर्मेंद्र सिंह तारन के निर्देशन में की गई। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी संजय कुमार रावत ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जबकि विनय नामदेव (सहायक ग्रेड-3) ने आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
यह फैसला स्पष्ट संकेत देता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा मिलेगी।
