इन्दौर ,14 फरवरी/इंदौर के प्रसिद्ध आस्था केंद्र खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश की घटना को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी तथा मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। मामले में दोषियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार 11 फरवरी को सायं 7:41 बजे से 7:45 बजे के बीच कुछ व्यक्तियों द्वारा भगवान श्री गणेश जी के गर्भगृह में प्रवेश किया गया। वायरल वीडियो के आधार पर मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें घटना की पुष्टि हुई।
सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन में पाया गया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने गर्भगृह के चैनल गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बातचीत की। इसके पश्चात ड्यूटी पर मौजूद गार्ड ने चैनल गेट खोला और सतीश भाऊ नामक व्यक्ति गर्भगृह में प्रवेश कर गया।
सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस की ओर से नियुक्त सुरक्षा गार्ड श्रीमती ज्योति वरुण ने अपने लिखित प्रतिवेदन में उल्लेख किया कि आकाश रावत द्वारा दबाव बनाकर दो व्यक्तियों को गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश कराया गया।
प्रशासन की कार्रवाई
- ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को तत्काल प्रभाव से मंदिर सेवा से बर्खास्त किया गया।
- पूजन-पाठ हेतु उपस्थित भट्ट परिवार की दोनों शाखाओं के पुजारियों को कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
- सुरक्षा एजेंसी बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया, जो आगामी देयक से काटा जाएगा।
- स्थानीय निवासी आकाश रावत के विरुद्ध बिना अनुमति गर्भगृह में प्रवेश कराने एवं ड्यूटी गार्ड पर दबाव बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
प्रबंध समिति का स्पष्ट निर्णय
मंदिर प्रबंध समिति एवं पुजारीगण ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल विशेष परिस्थितियों में अध्यक्ष एवं प्रशासक की पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि आस्था के केंद्रों की मर्यादा एवं नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी और इंदौर की धार्मिक गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
