मैरिज गार्डन से 5 बच्चों का रेस्क्यू, एक बाल श्रमिक और चार किशोर श्रमिक चिन्हित
दमोह | 27 फरवरी 2026/जिले में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशन में 27 फरवरी को टास्क फोर्स समिति द्वारा संयुक्त रूप से विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान शहर के एक मैरिज गार्डन में कार्रवाई करते हुए 5 बच्चों को श्रम करते हुए पाए जाने पर रेस्क्यू किया गया।
शादी समारोह में चल रहा था बाल श्रम
संयुक्त टीम ने शहर स्थित विद्या वाटिका मैरिज गार्डन में आयोजित एक विवाह समारोह के दौरान औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान 05 बच्चे कार्य करते हुए मिले। इनमें से 01 को बाल श्रमिक तथा 04 को किशोर श्रमिक के रूप में चिन्हित किया गया।रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
टास्क फोर्स की संयुक्त कार्रवाई
अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सामाजिक संस्था के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्रवाई में शामिल प्रमुख अधिकारी इस प्रकार रहे:
- श्रम विभाग से प्रभारी सहायक श्रम पदाधिकारी पूजा अवस्थी
- बाल श्रम नोडल अधिकारी राहुल कुर्मी
- अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति दीपक तिवारी
- महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी अखिलेश चौबे
- पुलिस विभाग, जबलपुर नाका चौकी से प्रधान आरक्षक (376) नंद लाल एवं आरक्षक (251) अजय पटैल
- जनसाहस संस्था से मुकेश नवीन
अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
संबंधित मामले में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 तथा संशोधित अधिनियम 2016 के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई प्रचलन में है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में बाल श्रम के मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे आयोजनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
लगातार जारी रहेगा अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए जिले में सतत अभियान चलाया जा रहा है। होटल, ढाबा, मैरिज गार्डन और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
