भौतिक शास्त्र शिक्षण पद्धति पर किया महत्वपूर्ण शोध
दमोह। एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह द्वारा रमेश कुमार व्यास को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है। उनका शोध कार्य “दमोह जिले की कक्षा नवमी के विद्यार्थियों के भौतिक शास्त्र उपलब्धि पर सम्प्रत्यय प्राप्ति प्रतिमान एवं परंपरागत शिक्षण विधि के प्रभाव का तुलनात्मक अध्ययन” विषय पर आधारित रहा।
यह शोध शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों की उपयोगिता को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शोध में यह विश्लेषण किया गया कि अवधारणा-आधारित (सम्प्रत्यय प्राप्ति प्रतिमान) शिक्षण पद्धति और पारंपरिक शिक्षण विधि में से कौन-सी पद्धति विद्यार्थियों की उपलब्धि और समझ को अधिक प्रभावी बनाती है।
यह शोध कार्य डॉ. स्वर्ण कौर, प्रोफेसर, एजुकेशन डिपार्टमेंट, एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।रमेश कुमार व्यास वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरी, दमोह में प्राचार्य के पद पर पदस्थ हैं। वे लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए नवाचार और गुणवत्ता सुधार के प्रयासों से जुड़े रहे हैं।उनकी इस शैक्षणिक उपलब्धि पर परिवारजनों, सहकर्मियों, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
