दमोह। केंद्र सरकार द्वारा पारित चार नए लेबर कोड के विरोध में आज MPMRA दमोह यूनियन के नेतृत्व में शहर में रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ने एकत्र होकर अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की।यूनियन के बैनर तले निकली यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। प्रदर्शनकारियों ने श्रमिक हितों की रक्षा की मांग को लेकर नारे लगाए और लेबर कानूनों में संशोधन की मांग की।रैली के समापन पर यूनियन प्रतिनिधियों ने श्रम विभाग के लेबर इंस्पेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चारों लेबर कोड को लागू करने पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
🔹 यूनियन का पक्ष
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित चार लेबर कोड में ऐसे कई प्रावधान हैं, जो श्रमिक हितों के प्रतिकूल हैं। उनका कहना है कि इन कानूनों के लागू होने से—
- कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षा (Job Security) प्रभावित होगी
- वेतन संरचना में अस्थिरता आ सकती है
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर असर पड़ेगा
- संगठनात्मक अधिकार कमजोर हो सकते हैं
पदाधिकारियों ने कहा कि मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स लंबे समय से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और किसी भी प्रकार से श्रमिक हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
🔹 अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं श्रमिक
यूनियन ने स्पष्ट किया कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि उनके अधिकारों में कटौती की जाती है, तो इसका सीधा असर उत्पादन, सेवा और आर्थिक विकास पर पड़ेगा।
अंत में यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
