मुख्यमंत्री ने दी करोड़ों की सौगात, नोहटा को नगर परिषद बनाने की पहल
(डॉ एल एन वैष्णव )

दमोह | 13 फरवरी /दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नोहटा में आयोजित भव्य नोहलेश्वर महोत्सव इस वर्ष आस्था, संस्कृति और विकास के संगम के रूप में उभरकर सामने आया। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसान सम्मेलन और महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की सौगात दी।दीप प्रज्वलन और नोहलेश्वर महादेव के पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नोहलेश्वर महादेव की पावन धरा केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो भी यहां आता है, वह इस भूमि से भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है।
🏛 नोहटा को नगर परिषद बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मांग पर नोहटा को नगर परिषद का दर्जा देने की प्रक्रिया प्रारंभ करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि परीक्षण के उपरांत इसे औपचारिक रूप दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
💧 600 करोड़ की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना
मुख्यमंत्री ने दमोह जिले के किसानों के लिए 600 करोड़ रुपये की लागत से नई सिंचाई परियोजना की घोषणा की। इस परियोजना के तहत व्यारमा नदी से जल लिफ्ट कर बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे 33 गांवों की लगभग 14 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र लंबे समय से जल संकट की समस्या से जूझता रहा है, लेकिन अब स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना से भी भविष्य में क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है।
🌿 नौरादेही में बसेंगे चीते
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जून 2026 से पहले नौरादेही अभयारण्य में चीतों को बसाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने श्योपुर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां चीतों की संख्या बढ़कर 35 हो चुकी है, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है। नौरादेही में चीते आने से पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
🏗 पर्यटन और धार्मिक विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने दमोह में 2 करोड़ रुपये की लागत से गीता भवन निर्माण की घोषणा की। यह भवन धार्मिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुस्तकालय के रूप में उपयोग किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त—
- व्यारमा नदी पर 10 करोड़ रुपये की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स और बोट क्लब की स्थापना
- राजनगर तालाब, सीतानगर बांध और सतधरू बांध को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
- नोहटा से सागर तक फोरलेन सड़क निर्माण
इन योजनाओं से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को गति मिलने की उम्मीद है।
🏟 युवाओं के लिए खेल सुविधाएं
तेंदूखेड़ा और हटा में नए स्टेडियम निर्माण की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने से युवा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे और प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मिलेंगे।
👩🌾 किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री का संदेश
किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि है।”
उन्होंने बताया कि किसानों को ब्याज रहित ऋण, खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था और जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश में जैविक हाटों के माध्यम से लाखों रुपये का व्यापार हो चुका है।
👩👧 महिलाओं के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान सरकार की प्राथमिकता है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
🏭 औद्योगिक विकास और रोजगार
दमोह जिले में औद्योगिक प्रक्षेत्र के विस्तार और मेडिकल कॉलेज निर्माण का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
✨ निष्कर्ष
नोहलेश्वर महोत्सव के मंच से की गई घोषणाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार धार्मिक आस्था के साथ-साथ बुनियादी विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है। सिंचाई, पर्यटन, खेल, औद्योगिक विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाएं आने वाले समय में दमोह और आसपास के क्षेत्रों की तस्वीर बदल सकती हैं।
