आस्था, संस्कृति और अवसरों का उत्सव: महोत्सव परिसर में रोजगार मेला, 13 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रस्तावित आगमन

दमोह | 09 फरवरी /जिले की जबेरा विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगर नोहटा में आयोजित पावन नोहलेश्वर महोत्सव अपने चतुर्थ दिवस में भक्ति, संस्कृति और सामाजिक चेतना का भव्य संगम बनकर उभरा। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन तथा महोत्सव संयोजक सत्येंद्र सिंह के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की चरण वंदना के साथ श्रद्धा और भक्तिभाव से किया गया।
भक्तिमय वातावरण में शुरू हुए कार्यक्रमों ने पूरे महोत्सव परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा और दिव्यता से ओत-प्रोत कर दिया।
स्थानीय कलाकारों को मिल रहा निरंतर मंच
नोहलेश्वर महोत्सव के मूल संकल्प के अनुरूप जबेरा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों एवं उभरती प्रतिभाओं को निरंतर मंच प्रदान किया जा रहा है। क्षेत्रीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुंदेलखंड की समृद्ध परंपरा और लोकसंस्कृति का सजीव चित्रण देखने को मिला, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
हास्य और लोकसंस्कृति ने बांधा समां
बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध कलाकार कृष्ण कुमार रंगीला एवं सुश्री संजना शरारती की हास्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके कार्यक्रमों से पंडाल में ठहाकों, उल्लास और आनंद का वातावरण बन गया, जिससे महोत्सव की रौनक और भी बढ़ गई।
रोजगार मेला और कैरियर गाइडेंस का आयोजन
नोहलेश्वर महोत्सव के अंतर्गत 9 फरवरी को सुबह 11 बजे नोहलेश्वर परिसर, नोहटा में रोजगार मेला एवं कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना, मार्गदर्शन प्रदान करना तथा उनके भविष्य निर्माण में सहयोग करना रहा। युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को सफल बनाया।
13 फरवरी को मुख्यमंत्री का प्रस्तावित आगमन
महोत्सव के दौरान 13 फरवरी 2026 को प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नोहटा आगमन प्रस्तावित है। इसे लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हेलीपैड, श्री नोहलेश्वर महादेव मंदिर परिसर एवं सभा स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, अवसरों का उत्सव — राज्यमंत्री
राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि नोहटा जैसे सांस्कृतिक केंद्रों पर आयोजित महोत्सव जन-जन को जोड़ने का कार्य करते हैं। नोहलेश्वर महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह युवाओं, किसानों, महिलाओं और स्थानीय कलाकारों के लिए अवसरों का उत्सव है। मुख्यमंत्री जी का आगमन इस क्षेत्र को नई पहचान और नई संभावनाएँ प्रदान करेगा। यह महोत्सव स्थानीय कला, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है।
संगठन और जनसहयोग से सफल हो रहा आयोजन
महोत्सव संयोजक सत्येंद्र सिंह ने बताया कि नोहलेश्वर महोत्सव को ऐसा मंच बनाया जा रहा है, जहाँ आस्था के साथ शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक चेतना को समान महत्व मिले। युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जनसहयोग से यह आयोजन प्रतिवर्ष और अधिक व्यापक स्वरूप ले रहा है।
महोत्सव को सफल, सुव्यवस्थित एवं सौंदर्यपूर्ण बनाने में मां पीतांबरा जन सेवा समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति के अध्यक्ष सौरभ सिंह सिसोदिया एवं सचिव वैभव सिंह के सहयोग से मेला आकर्षक एवं दर्शनीय रूप में संपन्न हो रहा है।
