आने वाले वर्षों में प्रदेश-स्तरीय पहचान हासिल करेगा नोहलेश्वर महोत्सव – संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी
जिले की ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देकर दमोह को गौरांवित कर रहा है आयोजन – विधायक उमादेवी खटीक

दमोह : 07 फरवरी /नोहटा में आयोजित 10 दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव श्रद्धा, संस्कृति और लोकपरंपराओं का भव्य संगम बनता जा रहा है। महोत्सव के द्वितीय दिवस प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
राज्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर तथा भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में दंडी स्वामी जी महाराज, हटा विधायक उमादेवी खटीक, पूर्व विधायक बंडा प्रदुम्न सिंह लोधी, सत्येन्द्र सिंह लोधी, अमित बजाज, ब्रज गर्ग, रूपेश सेन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, साधु-संत एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्कृति राज्यमंत्री द्वारा मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
“नोहलेश्वर महोत्सव हमारी सांस्कृतिक पहचान को सशक्त कर रहा है”
— धर्मेन्द्र सिंह लोधी, संस्कृति राज्यमंत्री
सभा को संबोधित करते हुए संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना, लोकपरंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, स्कूली बच्चों और ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है, जो भविष्य में राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना सकते हैं।
राज्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण अंचलों की संस्कृति, परंपरा और विरासत सुरक्षित रह सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में नोहलेश्वर महोत्सव प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
“ग्रामीण प्रतिभाओं को सम्मान और मंच मिलना सबसे बड़ी उपलब्धि”
— उमादेवी खटीक, विधायक हटा
हटा विधायक उमादेवी खटीक ने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव का आयोजन जबेरा विधानसभा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस मंच से क्षेत्र के गांव-गांव की प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिला है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन जिले को सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध बनाते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
महोत्सव के दूसरे दिन स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य, लोकगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। परंपरागत वेशभूषा, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
कार्यक्रम स्थल पर बच्चों, युवाओं और महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली।
शासकीय योजनाओं की जानकारी के लिए लगाए गए स्टॉल
महोत्सव परिसर में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए हैं, जहां ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। अधिकारी और कर्मचारी मौके पर ही लोगों की समस्याएं सुनकर समाधान का प्रयास कर रहे हैं।
नोहलेश्वर महोत्सव अब केवल उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, विकास और जनभागीदारी का सशक्त मंच बनकर दमोह जिले की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।
