वेलेंटाइन डे के विकल्प के रूप में मातृ-पितृ सम्मान का आह्वान, नगर के प्रमुख मार्गों से गुज़री यात्रा
दमोह | 14 फरवरी को मातृ-पितृ दिवस के रूप में मनाने का संदेश आम जनमानस तक पहुँचाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश के दमोह नगर में संत आशाराम बापू के अनुयायियों द्वारा एक जन संदेश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़री, जिसमें बड़ी संख्या में अनुयायी शामिल हुए।यात्रा का उद्देश्य युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों को यह संदेश देना रहा कि पाश्चात्य संस्कृति के वेलेंटाइन डे के स्थान पर माता-पिता के प्रति सम्मान, सेवा और कृतज्ञता व्यक्त की जाए। अनुयायियों ने बैनर-पोस्टर और नारों के माध्यम से मातृ-पितृ सम्मान के महत्व को रेखांकित किया।
प्रतिवर्ष मनाया जाता है मातृ-पितृ दिवस
विदित हो कि संत आशाराम बापू के अनुयायी प्रतिवर्ष 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के विकल्प के रूप में मातृ-पितृ दिवस मनाते हैं। उनका मानना है कि इस दिन को माता-पिता के साथ समय बिताकर, उनके प्रति सम्मान और आभार प्रकट कर मनाया जाना चाहिए, जिससे पारिवारिक संस्कार और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा मिले।
शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई यात्रा
जन संदेश यात्रा शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में सम्पन्न हुई। यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं देखी गई। आयोजकों ने बताया कि समाज में पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आगे भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
