जिला जेल दमोह में विधिक जागरूकता शिविर सह जेल निरीक्षण सम्पन्न
बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, अधिकारों एवं सुधारात्मक जीवन शैली की दी गई जानकारी

दमोह | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला जेल दमोह में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह श्री सुभाष सोलंकी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश श्री सुभाष सोलंकी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री रजनीश चौरसिया, जेल अधीक्षक श्री एम.एल. पटैल, जेल स्टाफ एवं बड़ी संख्या में बंदी उपस्थित रहे।
समय का सदुपयोग ही जीवन सुधार की कुंजी
अपने संबोधन में प्रधान जिला न्यायाधीश श्री सोलंकी ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जेल में बिताया गया समय आत्मचिंतन और आत्मसुधार का अवसर है। यदि व्यक्ति इस समय का सदुपयोग करे तो वह भविष्य में एक व्यवस्थित और सम्मानजनक जीवन जी सकता है।
उन्होंने बंदियों को दृढ़ संकल्प लेने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद किसी भी प्रकार के नशे और अवैध गतिविधियों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी हमसे सीख लेती है, इसलिए हमें अपने आचरण से सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
बंदियों को बताए गए अधिकार
कार्यक्रम के दौरान बंदियों को उनके मूल अधिकारों की जानकारी दी गई, जिसमें—
- परिवारजनों से संपर्क एवं मुलाकात का अधिकार
- धार्मिक आचरण का अधिकार
- स्वास्थ्य उपचार की सुविधा
- पढ़ने-लिखने एवं सुधारात्मक गतिविधियों में भागीदारी का अधिकार
श्री सोलंकी ने बंदियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने हेतु नियमित रूप से योग, प्राणायाम और ध्यान करने के लिए प्रेरित किया।
निःशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री रजनीश चौरसिया ने बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जेल में निरुद्ध प्रत्येक पात्र बंदी को शासकीय व्यय पर निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए जिला मुख्यालय में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की नियुक्ति की गई है, जो विशेष रूप से विधिक सहायता प्रकरणों की पैरवी करते हैं।
उन्होंने जेल परिसर में संचालित लीगल एड क्लीनिक की जानकारी दी तथा 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में रखे जाने योग्य प्रकरणों के संबंध में भी बंदियों को अवगत कराया।
जेल परिसर का निरीक्षण
शिविर के पूर्व प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा जेल की पाकशाला (रसोई) का निरीक्षण किया गया। तैयार हो रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई तथा साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया गया। व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया गया।
कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक एम.एल. पटैल ने आभार व्यक्त किया।
