35 शिक्षक व 5 विद्यालय किए गए सम्मानित, जिले के लिए बनी मिसाल
दमोह।शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार और शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से जनशिक्षा केंद्र अभाना में एक सराहनीय नवाचार किया गया। यहां आयोजित शैक्षिक संवाद सह शिक्षक सम्मेलन के दौरान पहली बार जनशिक्षा केंद्र स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 35 शिक्षकों एवं 5 विद्यालयों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अभाना संकुल के लगभग सभी शिक्षक उपस्थित रहे।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) मुकेश द्विवेदी, बीआरसी ललित रैकवार तथा डाइट हटा के प्राचार्य आर.पी. विश्वकर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे दमोह जिले के लिए प्रेरणादायी और अनुकरणीय बताया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षकों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं।
अधिकारियों ने इस अभिनव प्रयास के लिए जनशिक्षक रघुवर तिवारी एवं नरेन्द्र अहिरवाल की विशेष रूप से प्रशंसा की। इस अवसर पर राजू गंगरा, स्वामी सत्यनारायण तिवारी, राजीव जैन (प्राचार्य अभाना), विजयबहादुर राजपूत एवं माधव पटेल ने भी शिक्षकों को शैक्षिक नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
इन शिक्षकों को मिला सम्मान
उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए अरविन्द गर्ग, सुनील कुमार पटेल, अतुल भरद्वाज, ब्रम्हजीत राजपूत, कनिष्क साहू, कुमकुम राजपूत, वंदना यादव, रुकमनी मिश्रा, प्रगति अवस्थी, विनीता सोनी, गंगा राजपूत, गोविन्द अहिरवाल, शिवराज यादव, मलखान सिंह, विद्या पटेल, सदन नेमा, चित्तर सिंह, वंदना साहू, रिंकी गर्ग, वीरेंद्र अहिरवाल, प्रहलाद आठया, लक्ष्मण पटेल, गजेन्द्र सिंह, जगनाथ पाल एवं वीर सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वच्छ एवं सुंदर विद्यालय श्रेणी में ये रहे अव्वल
स्वच्छ एवं सुंदर विद्यालय श्रेणी में
- शासकीय माध्यमिक शाला अभाना
- शासकीय माध्यमिक शाला झिन्ना
- शासकीय माध्यमिक शाला अधरोटा
- शासकीय प्राथमिक शाला मुंडी
- शासकीय प्राथमिक शाला ऊपरटोला
को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों के लिए पारंपरिक गक्कड़-भर्ता भोज का आयोजन किया गया, जिससे आयोजन को स्थानीय सांस्कृतिक रंग भी मिला।
