तंबाकू और धूम्रपान को बताया प्रमुख कारण, समय पर बायोप्सी कराने की दी सलाह
(डॉ एल एन वैष्णव )
दमोह,वरिष्ठ दंत एवं मुख कैंसर विशेषज्ञ डा. प्रशांत जैन ने कहा है कि वर्तमान समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तेजी से अपने पैर पसार रही है। विशेष रूप से मुंह का कैंसर चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू सेवन और धूम्रपान है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष कैंसर मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जो समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।
तंबाकू और धूम्रपान सबसे बड़ा खतरा
डॉ. जैन ने बताया कि गुटखा, पान मसाला, सिगरेट, बीड़ी और अन्य नशीले पदार्थ मुंह के कैंसर के प्रमुख कारण हैं। लगातार सेवन से मुंह के अंदर सफेद या लाल चकत्ते, घाव, सूजन या गांठ बन सकती है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेती है।
उन्होंने कहा कि अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच जाती है। समय रहते जांच और उपचार बेहद आवश्यक है।
जागरूकता और सतर्कता दोनों जरूरी

पत्रकारों से चर्चा के दौरान डॉ. जैन ने कहा कि इस समय जागरूकता और सतर्कता दोनों की आवश्यकता है। लोगों को मुंह में होने वाले छोटे बदलावों को भी गंभीरता से लेना चाहिए। यदि दो सप्ताह से अधिक समय तक घाव या सूजन ठीक न हो तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से मुख कैंसर के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और अनेक सफल ऑपरेशन कर चुके हैं। उन्होंने Tata Memorial Hospital में Indian Dental Association के तत्वावधान में आयोजित कैंसर संबंधी सीएमई (Continuing Medical Education) कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में वे जबलपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
बायोप्सी से न डरें, समय पर जांच कराएं
एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. जैन ने स्पष्ट किया कि बायोप्सी कोई महंगी प्रक्रिया नहीं है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि बायोप्सी के माध्यम से बीमारी की सही पहचान समय पर हो जाती है, जिससे उपचार शीघ्र प्रारंभ किया जा सकता है और मरीज के स्वस्थ होने की संभावना बढ़ जाती है।
‘आधे जबड़े के साथ विकसित भारत नहीं’
डॉ. जैन ने कहा कि “आधे जबड़े के साथ विकसित भारत की कल्पना संभव नहीं है।” उनका आशय था कि यदि समाज कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लापरवाह रहेगा तो इसका प्रभाव व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र — तीनों पर पड़ेगा। इसलिए कैंसर के कारण, समस्या और निदान के बारे में समझना और दूसरों को जागरूक करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
नेनो प्लास्टिक और स्वास्थ्य पर असर
उन्होंने नेनो प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग और उसके संभावित दुष्प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार, प्लास्टिक के सूक्ष्म कण भोजन और पानी के माध्यम से शरीर में पहुंच रहे हैं, जो दीर्घकालिक रूप से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। इस विषय पर वैज्ञानिक शोध जारी है, लेकिन सतर्कता बरतना आवश्यक है।
नशा मुक्त समाज की अपील
डॉ. जैन ने नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों, मीडिया और नागरिकों को मिलकर अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से तंबाकू और नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की।
