ढाई एकड़ में उगाई जा रही अवैध अफीम की फसल, दमोह में बड़ी कार्रवाई
दमोह 1 मार्च (रविवार)। जिले के तेजगढ़ थाना अंतर्गत इमलिया चौकी क्षेत्र में आज 1 मार्च रविवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग ढाई एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया। यह कार्रवाई सुहेला गांव में की गई, जहां सामान्य कृषि फसल के बीच सुनियोजित तरीके से अफीम उगाई जा रही थी।गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और पूरे खेत की घेराबंदी कर दी। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जब्त की गई फसल की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। बड़े रकबे में फैली फसल को नष्ट करने के लिए मजदूरों की मदद ली जा रही है और पुलिस बल की निगरानी में पौधों को उखाड़ा जा रहा है। संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ढाई एकड़ की फसल ने खड़े किए सवाल
इस कार्रवाई के बाद मामला केवल अवैध खेती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस व्यवस्था और निगरानी तंत्र को लेकर भी कई सवाल सामने आ गए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि ढाई एकड़ में फैली अफीम की फसल कोई एक-दो दिन में तैयार नहीं होती। इसमें समय, संसाधन और निरंतर देखरेख की आवश्यकता होती है।ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि क्या संबंधित क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी पर्याप्त रूप से की जा रही थी? यदि इतनी बड़ी खेती लंबे समय से चल रही थी, तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिल सकी?
हालिया प्रशासनिक बदलाव के बाद हुआ खुलासा
अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और अवैध फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच और जवाबदेही पर टिकी निगाहें
घटना के बाद अब यह मांग उठ रही है कि पूरे मामले की गहन जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं लापरवाही, सूचना तंत्र की कमजोरी या अन्य कोई कारण तो जिम्मेदार नहीं रहा।फिलहाल पुलिस 1 मार्च रविवार को शुरू की गई कार्रवाई को पूर्ण करने में जुटी है, लेकिन यह प्रकरण कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली और स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न छोड़ गया है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष ही स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर पाएंगे।
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Dr. LN Vaishnav
Editor
लेखक वरिष्ठ पत्रकार है। विगत 30 बर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। दैनिक समाचार पत्रों के अलावा पत्र -पत्रिकाओं में लगातार समाचारों का प्रकाशन होता हैं।
