पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपा ज्ञापन, तीन दिवस की समय-सीमा तय
कार्रवाई न होने पर 13 फरवरी को नोहटा में मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शन की चेतावनी
दमोह | 11 फरवरी /करीब डेढ़ माह पूर्व लापता हुई कक्षा 10वीं की एक नाबालिग छात्रा की बरामदगी को लेकर ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लंबे समय से छात्रा का कोई सुराग न मिलने पर समाज के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार के साथ दमोह पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि छात्रा के लापता होने के बाद परिजनों द्वारा थाना स्तर पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी तथा प्रकरण में अपराध भी पंजीबद्ध किया गया। इसके बावजूद अब तक छात्रा की बरामदगी नहीं हो सकी है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने संदिग्ध मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल्स और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को उपलब्ध कराईं, लेकिन जांच की गति अपेक्षित स्तर की नहीं रही।
पुलिस कार्रवाई पर असंतोष
मुकेश पांडेय एवं मनीष नगाइच ने मीडिया से चर्चा में कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है, क्योंकि इसमें एक नाबालिग छात्रा की सुरक्षा जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक पुलिस द्वारा किए गए प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि—
- मामले की जांच के लिए कम से कम दो विशेष टीमें गठित की जाएं,
- साइबर सेल के विशेषज्ञों को सक्रिय रूप से ट्रेसिंग कार्य में लगाया जाए,
- संभावित स्थानों पर दबिश दी जाए,
- तथा परिजनों को नियमित रूप से जांच की प्रगति की जानकारी दी जाए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि विशेष टीम गठित की जाएगी और साइबर एक्सपर्ट को तत्काल प्रभाव से ट्रेसिंग में लगाया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रा की तलाश प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और जल्द सकारात्मक परिणाम सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
तीन दिन की चेतावनी
पीड़ित परिवार एवं समाज के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी तीन दिनों के भीतर छात्रा की बरामदगी नहीं होती है, तो 13 फरवरी को मुख्यमंत्री के नोहटा आगमन के दौरान उनके समक्ष शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा। समाज ने कहा कि यह कदम छात्रा की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से उठाया जाएगा।
क्षेत्र में चिंता का माहौल
घटना के बाद से क्षेत्र में चिंता और असंतोष का वातावरण बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा जताई है, ताकि नाबालिग छात्रा को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंपा जा सके।
अब सभी की नजर पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
