दमोह / बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जिला कार्ययोजना अंतर्गत प्रधान जिला न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुभाष सोलंकी के मार्गदर्शन में एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी जयवंत वर्मा महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशन एवं जिला समन्वयक वीरेंद्र कुमार जैन ममता के सहयोग से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एडीआर भवन में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त अभियान एवं शासकीय महाविद्यालयों में जेंडर क्लब के गठन हेतु जिले के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के एवं आईटीआई दमोह से 2-2 नोडल प्राध्यापकों एक दिवसीय प्रशिक्षण बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ जिला रिसोर्स ग्रुप एवं मुख्य प्रशिक्षक शिक्षा विभाग रमेश व्यास एवं दिलीप जोशी के सहयोग से संपन्न हुआ । प्रशिक्षण की शुरुआत अध्यक्ष सोलंकी के उदबोधन के साथ हुई। उन्होंने कहा की बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है जो बच्चों को अधिकारों उनके सारे अधिकारों से वंचित करती है बाल विवाह को लेकर 2006 में कानून बना जिसमे स्पष्ट उल्लेख है की यह गैर जमानती अपराध है इसमें बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने एवं सामुदायिक स्तर पर प्रयास किया जाना जरुरी है। इसी तरह जेंडर एक मिथ्या भ्रान्ति है जो अनेक वर्षों से हमारे समाज के एक पहलु/ अंग को पीछे किये हुए है इन्हें अवसर, एवं समता से दूर किये हुए है वर्तमान परिप्रेक्ष में जेंडर मिथ्स को तोड़ते हुए कुछ उदाहरण तो देखने को मिल रहे हैं, परन्तु अभी यह अधूरे से दिखाई देते हैं आज के प्रशिक्षण में उन्होंने अपील की कि जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थाओं में जेंडर क्लब के माध्यम से जिसमे युवा बालक बालिकाओं को जेंडर चैंपियंस के माध्यम से इन मिथ्स को तोड़ने में काफी मदद मिल पाएगी ।
प्रशिक्षण में रमेश व्यास एवं दिलीप जोशी द्वारा द्वारा उमंग/ अग्रणी मोड्यूल के माध्यम से जेंडर के 6 मोड्यूल पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया तथा पावर वाक के माध्यम से जेंडर कैसे अपने आप में सत्ता समेटे हुए है ओर दुसरे पक्ष कैसे इस जेंडर सत्ता के मिथ्या के कारण महिलाओं एवं बालिकाओं/ वंचित को पीछे किये हुए है स्पष्ट किया गया। वीरेंद्र जैन द्वारा तारुण्य टूल एवं महिला बाल विकास विभाग के कुछ विडिओ के माध्यम से जेंडर, बाल विवाह एवं बाल संरक्षण के विडिओ के माध्यम से प्रतिभागियों को समझाया एवं जिला विधिक प्राधिकरण अधिकारी रजनीश चौरसिया द्वारा बाल विवाह रोकने हेतु गठित नालसा आशा यूनिट के संबंध में विस्तृत रूप से प्रतिभागियों को जानकारी दी और उनकी भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही आज के प्रशिक्षण का मुख्य उदेश्य 8 जुलाई 2015 को भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय उच्चतर शिक्षा विभाग शास्त्री भवन के पत्र में उल्लेखित जेंडर क्लब के प्रस्तावना, विजन, उद्देश्य, जेंडर क्लब की भूमिका एवं जबाबदेहिता, जेंडर क्लब के चुनने की प्रक्रिया पात्रता मापदंड, जेंडर फोरम के सदस्यों का चयन, नोडल शिक्षकों की नियुक्ति, नोडल शिक्षकों की नियुक्ति इनकी भूमिका एवं जबाबदारी, चयन प्रक्रिया वार्षिक कलेंडर आदि पर विस्तार से बताया गया तथा अंत में जेंडर चैंपियन चयन का एनेग्जर 1 में बताया गया व बाल विवाह के विरुध्य शपथ के साथ प्रशिक्षण समाप्त हुआ ।
