कर्मचारी कल्याण कोष योजना से दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को मिला संबल
दमोह/शिक्षक समाज ने एक बार फिर एकजुटता और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। पी.एम.यू.एम. शिक्षक संघ के प्रांत संयोजक पवन खरे ने बताया कि संघ की कर्मचारी कल्याण कोष योजना के माध्यम से तीन दिवंगत शिक्षक परिवारों को अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
दुर्घटना या आकस्मिक निधन के बाद परिवार की चिंता
पवन खरे ने कहा कि शिक्षक समाज का भविष्य संवारने का कार्य करता है, लेकिन यदि किसी शिक्षक का आकस्मिक निधन हो जाता है तो उसके परिवार पर आर्थिक संकट गहरा जाता है। कई बार बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाती है और परिवार को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए संघ ने कर्मचारी कल्याण कोष योजना की शुरुआत की, जिससे दिवंगत शिक्षकों के परिवारों को तत्काल आर्थिक सहयोग मिल सके।
निःशुल्क पंजीयन, सामूहिक सहयोग की अनूठी व्यवस्था
इस योजना के अंतर्गत शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों का निःशुल्क पंजीयन किया जाता है। किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। यदि कोई पंजीकृत सदस्य दुर्भाग्यवश दिवंगत हो जाता है, तो सभी पंजीकृत सदस्यों से आर्थिक सहयोग की अपील की जाती है।
सामूहिक सहयोग के माध्यम से राशि सीधे संबंधित परिवार को पहुंचाई जाती है, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिल सके।
तीन परिवारों को मिला बड़ा सहयोग
योजना के अंतर्गत—
- दमोह जिले के स्वर्गीय दिलीप सिंह लोधी के परिवार को 40 लाख रुपये,
- दतिया जिले के स्वर्गीय राकेश अहिरवार के परिवार को 38 लाख रुपये,
- दमोह जिले के स्वर्गीय शिक्षक किशुन लडिया के परिवार को (08 फरवरी से 20 फरवरी तक) 24 लाख रुपये से अधिक का सहयोग प्राप्त हुआ है।
इस प्रकार तीनों परिवारों को मिलाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।
विश्वास और सुरक्षा की भावना
पवन खरे ने कहा कि इस योजना से शिक्षकों में यह विश्वास उत्पन्न हुआ है कि उनके न रहने पर भी उनका परिवार आर्थिक रूप से असहाय नहीं रहेगा। यह पहल केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि शिक्षक समाज की एकजुटता, आपसी विश्वास और मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक है।
संघ पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका
इस ऐतिहासिक पहल के लिए कर्मचारी कल्याण कोष योजना के संस्थापक सतीश खरे, प्रांत अध्यक्ष मुरली मनोहर अरजरिया, सह-संस्थापक ब्रजेश असाटी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष दमोह कैलाश असाटी, कोषाध्यक्ष मोहन ठाकुर सहित अनेक पदाधिकारियों और सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही है।
संघ से जुड़े पदाधिकारी निरंतर इस योजना को सफल बनाने और अधिक से अधिक शिक्षकों को इससे जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
