दमोह,26 फरवरी/दमोह शहर में निर्माणाधीन संदीपनी विद्यालय (पूर्व में सीएम राइज स्कूल) के मुख्य पहुंच मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए गुरुवार को जिला प्रशासन ने व्यापक कार्रवाई की। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर स्वयं मौके पर उपस्थित रहे और पूरे अभियान की निगरानी की।आज 26 फरवरी, गुरुवार को संध्या के समय प्रारंभ हुई यह कार्रवाई देर रात्रि तक चलती रही, जिसमें सीएम राइज स्कूल—जो वर्तमान में संदीपनी विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है—के लिए मुख्य सड़क मार्ग से होकर जाने वाले रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासनिक अमले ने सीमांकन के अनुसार मार्ग के दोनों ओर किए गए कब्जों को हटाते हुए आवागमन के लिए रास्ता पूरी तरह साफ कराया।
लंबे समय से बना हुआ था विवाद
विद्यालय के लिए स्वीकृत भूमि एवं उससे जुड़े सड़क मार्ग को लेकर लंबे समय से विवाद और व्यवधान की स्थिति बनी हुई थी। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य प्रारंभ किए जाने के बावजूद पहुंच मार्ग संकरा होने और अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। स्थानीय स्तर पर यह मामला काफी चर्चित रहा और इससे जुड़े कुछ प्रभावशाली नामों की चर्चा भी होती रही।हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई पूरी तरह राजस्व अभिलेखों, स्वीकृत नक्शे और तकनीकी मानकों के आधार पर की गई है।
सीमांकन के बाद चला बुलडोजर
कार्रवाई से पहले राजस्व विभाग द्वारा संबंधित भूमि का पुनः सीमांकन कराया गया। ड्राइंग-डिजाइन के अनुसार आवश्यक चौड़ाई चिन्हित की गई और सीमा चिन्ह लगाए गए। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण हटाया गया।मौके पर राजस्व, पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, नगर पालिका और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। एहतियातन पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।कलेक्टर कोचर ने बताया कि संबंधित पक्षों को पूर्व सूचना दी गई थी और कई मामलों में आपसी सहमति से अतिक्रमण हटाया गया। जहां आवश्यक हुआ, वहां प्रशासन ने सख्ती दिखाई।
सीएम राइज से संदीपनी विद्यालय तक

गौरतलब है कि इस विद्यालय को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में सीएम राइज स्कूल योजना के तहत स्वीकृति मिली थी। प्रदेश सरकार द्वारा उच्च स्तरीय अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय स्थापित करने की योजना के अंतर्गत दमोह को भी यह सौगात मिली थी।
हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस स्कूल का नाम परिवर्तित कर संदीपनी विद्यालय करने की घोषणा की। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाने और लंबित प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया तेज की गई।
विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि विद्यालय तक सुगम और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतिक्रमण हटने के बाद अब सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, मार्ग निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले आवागमन पूरी तरह व्यवस्थित हो सके।कलेक्टर कोचर ने कहा कि विकास कार्यों में बाधा बनने वाले अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
शहर में बनी चर्चा का विषय
देर रात तक चली इस कार्रवाई ने शहर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया। कई नागरिकों ने इसे विद्यार्थियों के हित में उठाया गया आवश्यक कदम बताया, वहीं कुछ लोगों ने इसे प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा।फिलहाल, अतिक्रमण हटने के बाद संदीपनी विद्यालय तक सीधा और व्यवस्थित मार्ग तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे निर्माण कार्य में गति आने की उम्मीद है।
