एकीकृत प्लेटफॉर्म व टोकन सिस्टम से किसानों को समयबद्ध आपूर्ति
दमोह | 23 फरवरी /मध्यप्रदेश शासन द्वारा विकसित ई-विकास प्रणाली को जिले में 1 मार्च 2026 से लागू किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार खाद का पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि अनावश्यक भीड़ और लंबी कतारों की स्थिति समाप्त हो सके।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जानकारी देते हुए बताया कि नई प्रणाली के अंतर्गत खाद वितरण से जुड़ी सभी एजेंसियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है। इसमें सहकारी समितियां, एमपी एग्रो, मार्केटिंग सोसायटी, डबल लॉक केंद्र तथा निजी विक्रेता शामिल रहेंगे। इससे वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निगरानी योग्य होगी।
टोकन आधारित वितरण व्यवस्था
पोर्टल पर पंजीकरण के बाद किसान को उसकी भूमि विवरण एवं फसल के आधार पर खाद की पात्रता प्रदर्शित होगी। इसके पश्चात टोकन जारी किया जाएगा और उसी के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इससे अव्यवस्था, कालाबाजारी और अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण रहेगा।
फार्मर आईडी अनिवार्य
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना आवश्यक है। इसके लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी, आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP हेतु) तथा भूमि का खसरा नंबर आवश्यक होगा। संबंधित पटवारी द्वारा फार्मर आईडी तैयार की जाएगी।
यदि किसी किसान को आईडी बनवाने या पंजीकरण में समस्या आती है, तो वह जनसुनवाई में उपस्थित होकर या जिला हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी उपलब्ध नहीं है, वे “अन्य किसान” श्रेणी में अस्थायी पंजीकरण कर सकते हैं।
प्रशासन के अनुसार, 1 मार्च से यह प्रणाली चरणबद्ध तरीके से प्रभावी होगी और लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को उसकी पात्रता के अनुरूप खाद बिना परेशानी उपलब्ध हो।
