

दमोह /जिले के पथरिया तहसील अंतर्गत श्री देव रामकुमार जानकी रमण मंदिर लोक न्यास (बड़ी शाला), सीतानगर में भारी भ्रष्टाचार, संपत्ति के दुरुपयोग और ट्रस्ट नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को एक विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई है, जिसमें मंदिर ट्रस्ट के वर्तमान संचालन पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंदिर लोक न्यास की बहुमूल्य चल-अचल संपत्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। मंदिर के बगीचे से लाखों रुपये की लकड़ी बेचे जाने, सैकड़ों पेड़ों की कटाई और उसका कोई लेखा-जोखा न होने का आरोप लगाया गया है। वाहनों और संपत्तियों की अनियमित बिक्री शिकायत के अनुसार मंदिर की पुरानी महिंद्रा एसयूवी 500 वाहन को बिना ट्रस्ट कमेटी की अनुमति के बेच दिया गया। इसके अलावा पहले से मौजूद अन्य वाहन और कृषि उपकरणों का भी निजी उपयोग किया जा रहा है। मंदिर के नाम पर खरीदी गई जमीन को कम कीमत पर लेकर अधिक राशि मंदिर खर्च दिखाकर गबन किए जाने का भी आरोप है। फर्जी कर्मचारी और फर्जी भुगतान दस्तावेजों में यह भी उल्लेख किया गया है कि मंदिर के कागजों में फर्जी कर्मचारियों को दिखाकर भुगतान किया जा रहा है। मंदिर के धार्मिक आयोजनों में खर्च को कई गुना बढ़ाकर दर्शाया गया, जबकि वास्तविक खर्च कम था। ऑडिट रिपोर्ट और कैश बुक भी मनमाने ढंग से तैयार कराई जा रही हैं। सैकड़ों एकड़ भूमि और आय का दुरुपयोग शिकायत में बताया गया है कि ट्रस्ट के पास लगभग 600 एकड़ कृषि भूमि है, जिसकी फसल और भूसा बेचकर लाखों रुपये की आमदनी हो रही है, लेकिन यह राशि मंदिर के खातों में दर्ज नहीं की जा रही। मंदिर की आय को निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया गया है। प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना शिकायत में यह भी कहा गया है कि कलेक्टर दमोह द्वारा पूर्व में दिए गए आदेशों के बावजूद लोक न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित नहीं किया गया। इसके चलते मंदिर की संपत्ति को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जांच और कार्रवाई की मांग आवेदक ने मांग की है कि इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भगवान की संपत्ति और लोक न्यास की रक्षा की जा सके।
