मतदाता सूची पर सियासी संग्राम तेज़
दमोह, 04 फरवरी/चुनाव आयोग की एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में हो रही कार्रवाइयों को लेकर दमोह की राजनीति में उबाल आ गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानक पटेल ने भाजपा, केंद्र और राज्य सरकार पर सीधे-सीधे लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है।कांग्रेस की आज आयोजित पत्रकार वार्ता में मानक पटेल ने कहा कि विशेष समुदायों, गरीबों, मजदूरों और बाहर रोज़गार के लिए गए मतदाताओं के नाम योजनाबद्ध तरीके से वोटर लिस्ट से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल भाजपा के इशारे पर हो रहा है, ताकि अपने जनविरोधी कार्यों और विफलताओं से ध्यान भटकाया जा सके।
मानक पटेल ने तीखे शब्दों में कहा—
“जैसे कोई अपराध छिपाने के लिए लगातार अपराध करता है, वैसे ही भाजपा सरकार अपने पापों को छिपाने के लिए लोकतंत्र से खिलवाड़ कर रही है।”उन्होंने चेतावनी दी कि दमोह जिले में इस प्रक्रिया में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, और जल्द ही कलेक्ट्रेट के सामने बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कलेक्टर का बयान और कांग्रेस का पलटवार
गौरतलब है कि कांग्रेस की इस पत्रकार वार्ता से ठीक एक दिन पहले, 03 फरवरी को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का बयान सामने आया था। कलेक्टर कोचर ने स्पष्ट किया था कि केवल फॉर्म-7 पर आपत्ति दर्ज होने मात्र से किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं कटता, और ऐसी बातें पूरी तरह भ्रामक हैं।
कलेक्टर ने बताया कि फॉर्म-7 के तहत प्राप्त आपत्तियों पर अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रिया, विस्तृत सुनवाई और स्पीकिंग ऑर्डर के बाद ही कोई निर्णय लिया जाता है। साथ ही मतदाता को अपील का पूरा अधिकार भी प्राप्त है।
हालांकि कांग्रेस ने प्रशासन के इस स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए दावा किया कि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
हजारों फर्जी आपत्तियों का आरोप
मानक पटेल ने आंकड़े पेश करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा फॉर्म-7 के माध्यम से हजारों फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं—
- दमोह विधानसभा: 2891 आपत्तियां
- हटा विधानसभा: 1308
- जबेरा विधानसभा: 1301
- पथरिया विधानसभा: 1501
उन्होंने कहा कि कई मामलों में आपत्तिकर्ताओं ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने कोई आवेदन नहीं दिया, जबकि कई आपत्तिकर्ता जिले या प्रदेश से बाहर के बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि जिन मतदाताओं का बीएलओ द्वारा पहले ही सत्यापन हो चुका है, उनसे दोबारा दस्तावेज मांगे जा रहे हैं और बाहर मजदूरी करने गए लोगों के नाम हटाकर उनका मताधिकार छीना जा रहा है।
जनहित योजनाओं और शासन पर भी हमला
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जनकल्याण योजनाओं में विफल रहने का भी आरोप लगाया।
मानक पटेल ने कहा कि सीता नगर परियोजना से 33 गांवों को जानबूझकर बाहर कर दिया गया है, जिससे हजारों ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो गए हैं। कांग्रेस ने सभी गांवों को तत्काल परियोजना में पुनः शामिल करने की मांग की।
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ते अपराध, बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों के भावांतर और उड़द भुगतान में अनियमितताओं को भाजपा शासन की असल तस्वीर बताया। साथ ही वार्ड परिसीमन में नियमों की अनदेखी और मनरेगा को कमजोर करने के आरोप भी लगाए।
कांग्रेस का ऐलान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि—
“मताधिकार छीनने और जनता को योजनाओं से वंचित करने की हर साजिश का कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक जोरदार विरोध करेगी। लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।”
इस पत्रकार वार्ता में जबेरा के पूर्व विधायक प्रताप सिंह, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रतनचंद जैन, मनु मिश्रा, संजय चैरसिया, लालचंद राय, प्रदीप पटेल सहित अनेक कांग्रेस नेताओं ने अपनी बात रखी और एसआईआर प्रक्रिया का विरोध किया।
