दमोह में ज्ञापन सौंपकर सरकार को दी अंतिम चेतावनी
दमोह, 23 फरवरी 2026/प्रदेश में स्टेज कैरिज बसों के संचालन को लेकर लागू की जा रही नई परिवहन नीति के खिलाफ बस ऑपरेटर्स अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। दमोह जिला बस ऑपरेटर्स यूनियन ने सोमवार को शासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है।यूनियन का कहना है कि हाल ही में राजपत्र में प्रकाशित संशोधनों और नई नीतियों से प्रदेश के हजारों बस संचालक आर्थिक संकट में आ गए हैं। कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं निकला, जिससे मजबूर होकर हड़ताल का निर्णय लिया गया।
सागर बैठक में बना निर्णय
22 फरवरी को सागर में प्रदेशभर के बस मालिकों और संगठन पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने संशोधनों पर पुनर्विचार नहीं किया तो बस संचालन पूरी तरह ठप किया जाएगा।
सरकार को भेजा गया ज्ञापन
यूनियन ने मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त को संबोधित ज्ञापन में अपनी मांगें स्पष्ट की हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि हड़ताल से आम जनता को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन की होगी।
क्या हैं प्रमुख आपत्तियां?
- 24 दिसंबर 2025 और 29 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित परिवहन संशोधनों को निरस्त करने की मांग।
- बारात परमिट टैक्स 12 रुपये से बढ़ाकर 18 रुपये प्रति किलोमीटर किए जाने का विरोध।
- दमोह में फिटनेस सेंटर न होने से बसों को जबलपुर ले जाना पड़ता है, पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग।
- वीएलटीडी (VLTD) डिवाइस रिचार्ज संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान।
- स्लीपर बसों में अतिरिक्त दरवाजों और केबिन गेट हटाने के निर्देशों का विरोध।
- नई बस बॉडी के पंजीयन की पुरानी व्यवस्था लागू रखने की मांग।
- वर्तमान बस संचालन व्यवस्था को यथावत रखने की मांग।
“समाधान नहीं तो चक्का जाम”
यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि नई नीति से न केवल बस संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है, बल्कि किराए में वृद्धि की आशंका से आम जनता भी प्रभावित होगी। इसलिए शासन को तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यदि 2 मार्च से हड़ताल होती है तो जिले सहित प्रदेशभर में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।
