तलाक के कगार पर पहुंचा दंपति समझौते से फिर हुआ एक, चौकी प्रभारी की सूझबूझ रंग लाई
दमोह | 25 फरवरी /दमोह के कोतवाली थाना क्षेत्र की बजरिया पुलिस चौकी में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पुलिस की संवेदनशील और मानवीय छवि को सामने ला दिया। महीनों से चल रहे वैवाहिक विवाद के कारण तलाक की दहलीज तक पहुंच चुका एक नव दंपति, पुलिस की पहल और समझाइश से फिर से एक हो गया।
बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला इतना बढ़ गया था कि दोनों तलाक के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में थे। इसी बीच प्रकरण पुलिस चौकी तक पहुंचा।
👮♂️ चौकी प्रभारी की सजगता से बदली तस्वीर
बजरिया चौकी प्रभारी एएसआई राकेश पाठक ने मामले को केवल कानूनी विवाद की तरह नहीं देखा, बल्कि एक परिवार को बचाने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी सजगता, धैर्य और सूझबूझ से दोनों पक्षों की काउंसलिंग की।एएसआई पाठक ने न केवल पति-पत्नी को समझाया, बल्कि दोनों के परिजनों को भी एक साथ बैठाकर संवाद कराया। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया।
✍️ तलाक नहीं, समझौते पर हुए हस्ताक्षर
जहां कुछ समय पहले तक तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर की तैयारी थी, वहीं उसी दिन दोनों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कर अपने रिश्ते को एक नया मौका दिया।समझौते के बाद चौकी परिसर में भावुक माहौल बन गया। प्रतीकात्मक रूप से बेण्ड-बाजों की धुन पर एएसआई राकेश पाठक ने दोनों को माला पहनवाकर फिर से एक कर दिया। पति-पत्नी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और जीवनभर साथ निभाने का वादा किया।
👨👩👧👦 परिजन भी हुए एकजुट
इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के परिजन भी मौजूद रहे। आपसी मनमुटाव खत्म होने के बाद परिवारों ने भी एक-दूसरे को गले लगाकर नए सिरे से रिश्ते निभाने का संकल्प लिया।
🌟 पुलिस का संवेदनशील चेहरा
आम तौर पर पुलिस को सख्त कार्रवाई के लिए जाना जाता है, लेकिन इस घटना ने पुलिस का एक अलग और संवेदनशील रूप सामने रखा। जहां एक ओर कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, वहीं सामाजिक समरसता और परिवारों को टूटने से बचाना भी समाजहित में महत्वपूर्ण है।स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि यदि ऐसे मामलों में संवाद और मध्यस्थता का रास्ता अपनाया जाए, तो कई परिवार टूटने से बच सकते हैं।यह घटना न केवल संबंधित परिवार के लिए नई शुरुआत है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि संवाद, धैर्य और समझदारी से बड़े से बड़ा विवाद भी सुलझाया जा सकता है।
