वार्षिक परीक्षा परिणाम सुधारने किए गए अनेक नवाचार, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस
दमोह | 09 फरवरी /मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गई हैं। दमोह जिले में परीक्षाओं को नकलमुक्त, सुव्यवस्थित एवं छात्र-हितैषी वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। कैमरों से निगरानी एवं जिला स्तरीय कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से सभी परीक्षा केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
जिले में पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर एवं परीक्षा परिणाम सुधारने के उद्देश्य से अनेक नवाचार किए गए। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देशन में शिक्षा विभाग द्वारा जिला एवं विकासखंड स्तर पर निरंतर बैठकों और सघन मॉनिटरिंग के माध्यम से यह प्रयास किए गए।
नवाचारों से बढ़ा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास
जिले में किए गए प्रमुख नवाचारों में
- साप्ताहिक टेस्ट का नियमित आयोजन
- समर्पण कक्षाओं का संचालन
- समर्थ यूट्यूब चैनल के माध्यम से विषयवस्तु का प्रसारण
- डी एवं ई ग्रेड विद्यार्थियों हेतु विशेष कक्षाएं
- कलेक्टर द्वारा प्रतिदिन गूगल मीट के माध्यम से समीक्षा
- कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए फेसबुक लाइव के जरिए विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिदिन 2 घंटे मार्गदर्शन
- प्रखर विद्यार्थियों के लिए अलग ग्रुप बनाकर विशेष तैयारी
- सभी विद्यालयों में “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम के माध्यम से तनाव प्रबंधन
जैसे नवाचार शामिल रहे, जिनसे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित हुई।
गूगल मीट से सघन मॉनिटरिंग
21 दिसंबर 2025 से 5 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन शाम 6 से 7 बजे तक कलेक्टर श्री कोचर ने जिला स्तरीय टीम एवं समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठकें कर कमजोर विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अध्यापन कार्य की समीक्षा की। इसके परिणामस्वरूप विकासखंड शिक्षा अधिकारियों ने विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया और प्राचार्यों एवं वार्डन शिक्षकों के साथ ऑनलाइन मीटिंग कर विद्यार्थियों की उपस्थिति 70 से 80 प्रतिशत तक सुनिश्चित की गई।
प्राचार्यों द्वारा गूगल फॉर्म के माध्यम से प्रतिदिन उपस्थिति की जानकारी ली गई तथा जिन विद्यालयों में उपस्थिति कम रही, वहां विशेष निरीक्षण भी किया गया।
परीक्षा पे चर्चा से तनाव प्रबंधन
जिले के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर द्वारा प्रमुख विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, करियर काउंसलिंग एवं अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। कलेक्टर स्वयं जिला एवं विकासखंड स्तर के 20 से अधिक विद्यालयों में पहुंचे और विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान किया।
फेसबुक लाइव से हजारों विद्यार्थियों को मिला लाभ
कलेक्टर कार्यालय दमोह की फेसबुक आईडी के माध्यम से प्रतिदिन शाम
- 5 से 6 बजे तक कक्षा 12वीं
- 6 से 7 बजे तक कक्षा 10वीं
के विद्यार्थियों के लिए फेसबुक लाइव का आयोजन किया गया। इसमें विषय विशेषज्ञों ने कठिन विषयों को सरल भाषा में समझाया और हजारों विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।
साप्ताहिक टेस्ट से बनी प्रतिस्पर्धा की भावना
प्रत्येक विषय के पांच दिन अध्यापन के बाद छठवें दिन साप्ताहिक टेस्ट आयोजित किए गए। टेस्ट के अंकों का दस्तावेजीकरण कर कमियों के आधार पर विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन दिया गया। कई विद्यालयों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी दिए गए।
कोई भी विद्यार्थी टाटपट्टी पर नहीं बैठेगा — कलेक्टर
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने स्पष्ट किया कि बोर्ड परीक्षा 2026 में जिले के किसी भी परीक्षा केंद्र पर कोई भी विद्यार्थी टाटपट्टी पर बैठकर परीक्षा नहीं देगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर फर्नीचर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही प्रत्येक कक्ष में घड़ी एवं कक्ष के बाहर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अशासकीय विद्यालयों के परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, जबकि शेष केंद्रों पर जिला स्तरीय कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से निरीक्षण होगा। ब्लॉक स्तर के प्रमुख विद्यालयों को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जिससे विद्यार्थियों को अनुकूल वातावरण मिल सके।
