कोर्ट ने खारिज की केस ट्रांसफर याचिका, एडीजे शुभ्रा सिंह की अदालत में ही चलेगा मुकदमा
इंदौर ,07 फरवरी ,करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी के बहुचर्चित मामले में आरोपी गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी को जिला न्यायालय से कोई राहत नहीं मिली है। मामले को अन्य न्यायालय में स्थानांतरित कराने की उसकी कोशिश अदालत में नाकाम रही। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वाधवानी द्वारा दायर ट्रांसफर आवेदन को सिरे से खारिज कर दिया है।
यह प्रकरण वर्तमान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह की अदालत में विचाराधीन है। आरोपी ने अपने आवेदन में यह तर्क दिया था कि न्यायाधीश शुभ्रा सिंह के पिता से उसके पूर्व में घनिष्ठ संबंध रहे हैं, जिससे निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका है। इसी आधार पर उसने केस ट्रांसफर की मांग की थी।
एडीजे शुभ्रा सिंह ने आरोपों को बताया निराधार
इस मामले में एडीजे शुभ्रा सिंह ने न्यायालय को भेजी गई अपनी टिप्पणी में सभी आरोपों को पूरी तरह असत्य और बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता का अभियुक्तों से कभी कोई व्यक्तिगत या व्यावसायिक संबंध नहीं रहा है। न तो उन्होंने अपने पिता से अभियुक्तों के संबंध में कोई चर्चा सुनी और न ही कभी अभियुक्तों को उनके पिता के निवास पर आते-जाते देखा गया।
पहले भी कर चुकी हैं अभियुक्तों के मामलों की सुनवाई
अदालत के समक्ष यह तथ्य भी सामने आया कि एडीजे शुभ्रा सिंह पूर्व में भी अभियुक्तों से जुड़े मामलों की सुनवाई कर चुकी हैं और उन्हें निराकृत भी किया गया था। उस समय अभियुक्त पक्ष की ओर से किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई थी। इसके अलावा वर्ष 2009 से मार्च 2012 तक वे इंदौर में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीबीआई) के रूप में पदस्थ रहीं, जहां उन्होंने अभियुक्तों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई की थी।
लगातार सुनवाई से असहज हुआ आरोपी पक्ष?
वर्तमान प्रकरण में 17 सितंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक नियमित रूप से सुनवाई की गई। न्यायालय द्वारा आरोपों पर बहस के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे थे और लंबी तारीखें नहीं दी जा रही थीं। न्यायिक सूत्रों का मानना है कि इसी सख्ती के चलते आरोपी द्वारा केस ट्रांसफर की याचिका दायर की गई।
ट्रांसफर के लिए कोई ठोस आधार नहीं
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि स्थानांतरण के लिए प्रस्तुत किए गए आधार न तो पर्याप्त हैं और न ही विश्वसनीय। इसी कारण आवेदन को निरस्त कर दिया गया।
यथावत जारी रहेगी सुनवाई
ट्रांसफर आवेदन खारिज होने के बाद अब यह साफ हो गया है कि टैक्स चोरी से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई एडीजे शुभ्रा सिंह की अदालत में ही आगे भी जारी रहेगी।
