
दमोह/ जिले में अवैध खनिज कारोबार के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए निगरानी और कार्रवाई दोनों तेज कर दी हैं। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज विभाग द्वारा जिलेभर में सतत अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य न केवल राजस्व हानि रोकना है, बल्कि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना भी है।इसी क्रम में 21 और 22 फरवरी 2026 की दरम्यानी रात लगभग 2:30 बजे पटेरा तहसील क्षेत्र में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। रात्रि में की गई इस रणनीतिक कार्रवाई में खनिज विभाग की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर ओवरलोड खनिज परिवहन करते वाहनों को पकड़ा।
ग्राम देवडोगरा में फर्शी पत्थर से लदा एक ट्रक निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर परिवहन करते पाया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि वाहन ओवरलोड था, जिससे नियमों का उल्लंघन तो हुआ ही, साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को मौके पर ही जब्त कर लिया।वहीं ग्राम पटेरा में गिट्टी से भरा एक डम्पर भी ओवरलोड परिवहन करते पकड़ा गया। दस्तावेजों की जांच और वाहन के भार परीक्षण में नियमों की अवहेलना सामने आई। डम्पर को जब्त कर थाना पटेरा में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया।खनिज विभाग के अनुसार दोनों प्रकरणों में गौण खनिज नियमों के अंतर्गत मामला दर्ज कर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित वाहन मालिकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा जुर्माना सहित अन्य वैधानिक प्रावधान लागू किए जाएंगे।प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिले में अवैध खनिज परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए अब रणनीतिक और सतत कार्रवाई की जा रही है। रात्रिकालीन गश्त, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और आकस्मिक जांच के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने स्पष्ट किया है कि शासन की नीतियों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैध उत्खनन और ओवरलोड परिवहन से शासन को आर्थिक क्षति के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। ऐसे में यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
प्रशासन ने खनिज कारोबार से जुड़े सभी व्यक्तियों से अपील की है कि वे नियमों का पूर्ण पालन करें और निर्धारित सीमा में ही परिवहन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।दमोह जिले में खनिज माफियाओं के खिलाफ चल रहा यह अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है, जहां प्रशासन की सक्रियता और सख्ती स्पष्ट नजर आ रही है।
