(डॉ.एल.एन.वैष्णव)
दमोह | 1 मार्च (रविवार),रंगों के पर्व होली से ठीक पहले जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का सभा कक्ष प्रशासन और मीडिया के बीच सार्थक संवाद का साक्षी बना। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने पत्रकारों के साथ न केवल होली मिलन किया, बल्कि विकास कार्यों, शहर की व्यवस्थाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि बेहतर प्रशासन के लिए खुला संवाद और पारदर्शिता आवश्यक है।कार्यक्रम की शुरुआत तिलक और प्राकृतिक गुलाल से हुई। कलेक्टर कोचर ने कहा कि पत्रकारों से संवाद निरंतर चलता रहता है, किंतु सामूहिक बैठक का अपना विशेष महत्व है। “आप हमारी कार्यप्रणाली के आईना हैं। आपकी समालोचना हमें बेहतर काम करने की प्रेरणा देती है,” उन्होंने कहा। उनका यह भी कहना था कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक माह इस प्रकार का संवाद हो, ताकि विकास कार्यों की जानकारी समय पर साझा हो और समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयास से निकले।
विकास कार्यों की समीक्षा और पारदर्शिता का संदेश
बैठक में जिले में चल रहे बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व से जुड़े कार्यों की प्रगति पर जानकारी दी गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।पत्रकारों ने विभिन्न विभागों की कार्यशैली, योजनाओं के क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों को लेकर प्रश्न उठाए। कलेक्टर ने प्रत्येक प्रश्न को धैर्यपूर्वक सुना और तथ्यों के आधार पर उत्तर दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी कमियां सामने आएंगी, वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
अतिक्रमण और यातायात: शहर की बड़ी चुनौती
नगर के मुख्य बाजार और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा। पत्रकारों ने कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर अव्यवस्थित कब्जों के कारण आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।यातायात व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। विशेषकर बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले भारी वाहनों के शहर के मध्य से गुजरने पर चिंता जताई गई। इस पर कलेक्टर कोचर ने आश्वासन दिया कि यातायात विभाग और नगर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।यह भी सुझाव दिया गया कि गूगल मैप पर दर्शाए जा रहे मार्गों में सुधार कराया जाए, ताकि बाहरी वाहन शहर के बाहरी मार्गों से ही संचालित हों और शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम हो।
पत्रकार कॉलोनी और कल्याण योजनाओं पर चर्चा
पत्रकारों के आवास और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। पत्रकार कॉलोनी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ और इस संबंध में प्रस्तावों को शासन स्तर तक भेजने की बात कही गई।इस अवसर पर जिला जनसंपर्क अधिकारी वाय.ए. कुरैशी ने राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रावधान लागू हैं, जिनका लाभ पात्र व्यक्तियों को दिया जा रहा है।
नगर पालिका और पारदर्शिता का प्रश्न
बैठक के दौरान नगर पालिका से जुड़े कुछ मामलों और कथित अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
प्राकृतिक रंगों से होली मिलन और श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में गेंदा, चुकंदर और पालक से तैयार प्राकृतिक रंगों की गुलाल लगाकर कलेक्टर और पत्रकारों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। सहभोज के साथ आत्मीय वातावरण में संवाद का समापन हुआ।अंत में जिले के दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया।1 मार्च रविवार को आयोजित यह कार्यक्रम केवल होली मिलन नहीं, बल्कि प्रशासन और मीडिया के बीच विश्वास, सहयोग और जवाबदेही को मजबूत करने का संदेश देने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।
