दमोह। जिले में हाल ही में पत्रकारों से जुड़े एक विवाद के बाद उत्पन्न परिस्थितियों ने सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार से शहर का माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने दो टूक कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और हर मामले में निष्पक्ष एवं तथ्यों पर आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।बताया जा रहा है कि संबंधित प्रकरण के बाद कुछ संगठनों और व्यक्तियों द्वारा विरोध-प्रदर्शन और बयानबाजी की गई। इस दौरान मामले को जातीय रंग देने और इसे ओबीसी बनाम अन्य समाज के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिशें भी सामने आईं। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की कोशिशें न केवल भ्रामक हैं, बल्कि समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा कर सकती हैं।
पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रारंभिक शिकायत के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आए, उनके अनुरूप कदम उठाए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रेस क्लब की ओर से भी एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मूल घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपूर्ण जानकारी प्रसारित की जा रही है, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति बन रही है। प्रेस क्लब ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिस मूल प्रकरण को आधार बनाकर विवाद को बढ़ाया गया, उसका दमोह से प्रत्यक्ष संबंध स्पष्ट नहीं है। इसके बावजूद कुछ समूहों द्वारा जिले का माहौल प्रभावित करने की कोशिश की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयास सुनियोजित प्रतीत होता है, जिसका उद्देश्य सामाजिक तनाव उत्पन्न करना हो सकता है।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी संदेश को बिना सत्यापन आगे न बढ़ाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि आधी-अधूरी या भ्रामक जानकारी साझा करना आईटी एक्ट और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी दोहराया कि जिले में शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। आवश्यक होने पर अतिरिक्त बल की तैनाती भी की जाएगी।सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि वे जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका निभाएं और किसी भी प्रकार की उत्तेजक बयानबाजी से बचें। प्रशासन का मानना है कि संवाद और संयम ही ऐसी परिस्थितियों का समाधान है।
फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी ने भी जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे। जिलेवासियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए अधिकारियों ने कहा कि शांति, सौहार्द और आपसी विश्वास ही दमोह की पहचान है, जिसे किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
