दमोह। भारतीय मजदूर संघ (BMS) जिला इकाई दमोह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नाम 46 सूत्रीय विस्तृत मांग पत्र जिला कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में संविदा, आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी और नियमित कर्मचारियों से जुड़ी लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से त्वरित निर्णय की अपेक्षा की गई है।
जिला अध्यक्ष प्रवीण तिवारी और जिला मंत्री देवेन्द्र चौबे के नेतृत्व में सौंपे गए पत्र में कहा गया कि प्रदेश के विकास की धुरी माने जाने वाले श्रमिक आज भी सेवा सुरक्षा, समान वेतन और सामाजिक संरक्षण के लिए संघर्षरत हैं।
🔹 आउटसोर्सिंग व संविदा नीति पर आपत्ति
संघ ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग प्रथा से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। मांग की गई कि हरियाणा की तर्ज पर “सिक्योरिटी ऑफ सर्विस” या उत्तर प्रदेश की तरह “आउटसोर्स सेवा निगम” बनाया जाए।
साथ ही संविदा नीति-2023 की कथित विसंगतियों (कंडिका 9.8, 6.2, 11.5) को हटाकर नियमित कर्मचारियों के समान ग्रेड-पे व सुविधाएं देने की मांग की गई।
🔹 नियमितीकरण और स्थाईकरण
- 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके दैनिक वेतनभोगियों को स्थाई कर्मी घोषित किया जाए।
- वर्ष 2007 से कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों का नियमितीकरण किया जाए।
🔹 शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र की मांगें
अतिथि विद्वान/शिक्षक:
- 65 वर्ष तक सेवा सुरक्षा।
- अनुभव के आधार पर बोनस अंक देकर भविष्य सुरक्षित करने की व्यवस्था।
स्वास्थ्य कर्मी:
- आशा कार्यकर्ताओं व सुपरवाइजरों के मानदेय में ₹1000 वार्षिक वृद्धि।
- सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष।
- फार्मासिस्ट का पदनाम बदलकर “फार्मेसी ऑफिसर” करने का प्रस्ताव।
🔹 बिजली व तकनीकी कर्मचारी
- बिजली कंपनियों के आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुभव आधारित बोनस अंक व जोखिम भत्ता।
- BE/B.Tech योग्य कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति।
🔹 बैंकिंग, आंगनवाड़ी व अन्य मांगें
- बैंकिंग क्षेत्र में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 50% पदोन्नति बिना परीक्षा।
- मिड-डे मील रसोइयों का मानदेय ₹10,000 प्रतिमाह।
🔹 पुलिस व राजस्व विभाग
- पटवारियों का ग्रेड-पे 2100 से बढ़ाकर 2400 किया जाए।
- पुलिस वाहन चालकों को नियमित अवकाश का लाभ।
⚠️ आंदोलन की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि 46 बिंदुओं पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी संगठनात्मक कदम उठाए जाएंगे। ज्ञापन सौंपते समय विभाग प्रमुख धर्मेन्द्र चौबे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।
