दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण, गलत सूचना पर सख्त दंड का प्रावधान

दमोह।विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के समापन के साथ जिले की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। पत्रकार वार्ता में जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि चार माह तक चले गहन सत्यापन, क्षेत्रीय जांच और दावा-आपत्ति की सुनवाई के उपरांत 35,809 प्रविष्टियों को मतदाता सूची से विलोपित किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय दस्तावेजों की उपलब्धता, पात्रता की पुष्टि और निर्धारित मापदंडों के आधार पर लिया गया है। जिन आवेदनों में जानकारी अपूर्ण या अप्रमाणित पाई गई, उन्हें नियमानुसार निरस्त किया गया।
🔎 कैसे हुई जांच?
- बूथ स्तर पर भौतिक सत्यापन
- प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की विधिवत सुनवाई
- दस्तावेजों का परीक्षण एवं रिकॉर्ड मिलान
- दोहराव (डुप्लीकेट एंट्री) की पहचान
⚖ अपील का विकल्प खुला
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रभावित नागरिकों को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील करने का अवसर उपलब्ध है। निर्धारित समयावधि में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर वे पुनर्विचार का अनुरोध कर सकते हैं।
🚫 गलत जानकारी पर कड़ा प्रावधान
मतदाता पंजीयन के दौरान यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर असत्य अथवा भ्रामक जानकारी देता है, तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत ₹1 लाख तक का जुर्माना एवं 6 माह तक की सजा निर्धारित है।
📌 प्रशासन का संदेश
निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे केवल सत्य एवं प्रमाणिक जानकारी ही प्रस्तुत करें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुदृढ़ और निष्पक्ष बनी रहे।
