
दमोह/शहर को स्वच्छ, सुंदर और जागरूक बनाने के संकल्प के साथ टीम उम्मीद – एक पहल दमोह के लिए द्वारा चलाया जा रहा साप्ताहिक स्वच्छता अभियान लगातार 16वें सप्ताह भी उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ सम्पन्न हुआ। प्रत्येक रविवार सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत इस बार पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्क परिसर के बाहर व्यापक साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
अभियान की विशेषता यह रही कि दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर स्वयं उपस्थित होकर न केवल टीम का उत्साहवर्धन किया, बल्कि श्रमदान के माध्यम से सहभागिता भी की। स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में दीपक सिंह राजपूत, शिवम सोनी, धर्मेंद्र सोनी, महेंद्र सिंह लोधी, मनोज गुप्ता, कृष्णा पटेल, डाली कटारे, नैना तिवारी, योगेश सुमन, नमन शांडिल्य, बंधन विश्वकर्मा, शिवांक असाटी, बालक नैतिक सोनी, अर्जुन प्रताप सिंह, एनआईसी अधिकारी योगेंद्र सिंह, सैडमेप जिलाधिकारी पी.एन. तिवारी, जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक सुशील नामदेव तथा नपा कर्मी असद शेख सहित अनेक गणमान्यजन और स्वयंसेवक शामिल रहे।
कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा कि टीम उम्मीद का यह निरंतर प्रयास केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन-जागरूकता का सशक्त अभियान बन चुका है। हर सप्ताह एक नई पहल के माध्यम से नागरिकों को जोड़ना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन और समाज साथ मिलकर कार्य करते हैं, तभी स्थायी परिवर्तन संभव होता है।
अभियान के दौरान टीम के सबसे छोटे स्वच्छता दूत नैतिक सोनी को कलेक्टर ने पेन, रबर और कंपास जैसी शैक्षणिक सामग्री भेंट कर प्रोत्साहित किया। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा। स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर हरीश पटेल ने कहा कि प्रत्येक रविवार का यह दो घंटे का श्रमदान केवल सफाई नहीं, बल्कि शहर के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उनका प्रयास है कि अधिक से अधिक नागरिक इस मिशन से जुड़ें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लें।जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक सुशील नामदेव ने कहा कि अब शहर में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है। लोगों की बढ़ती भागीदारी इस अभियान की सफलता का प्रमाण है।टीम के सदस्य कृष्णा पटेल ने अपील की कि शासन-प्रशासन और नागरिक मिलकर ही स्वच्छ वातावरण का निर्माण कर सकते हैं। यदि हम कचरा फैलाने वालों को रोकें और स्वयं जिम्मेदारी निभाएं, तो दमोह निश्चित ही स्वच्छ शहरों की अग्रणी श्रेणी में स्थान प्राप्त कर सकता है।लगातार 16 सप्ताह से जारी यह अभियान अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है, जो स्वच्छ दमोह के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
