तीन दिवसीय आयोजन में इतिहास, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना की गूंज
दमोह, 26 फरवरी 2026/ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध सकोर गांव में तीन दिवसीय जगनिक महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन दमोह द्वारा किया गया। दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती पूजन के साथ समारोह की शुरुआत हुई।
इस अवसर पर अजब धाम छोटे सरकार जी, कथावाचक पं. विपिन बिहारी जी महाराज, कुंडलपुर मठ प्रमुख गजेंद्रपुरी जी महाराज, आचार्य दीपक उपाध्याय, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्याम सुंदर दुबे तथा म.प्र. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया उपस्थित रहे।
बुंदेलखंड के लिए गौरव का अवसर
अपने संबोधन में डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि सकोर में यह आयोजन बुंदेलखंड के लिए अद्भुत और ऐतिहासिक है। यह मंच कवियों और साहित्यकारों के परिचय का माध्यम है तथा हमें अपने बुजुर्गों और महापुरुषों को जानने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्याम सुंदर दुबे ने कहा कि यह कार्यक्रम बुंदेलखंड और मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कई विद्वानों के अनुसार महाकवि जगनिक का जन्म सकोर में हुआ, जबकि कुछ ने इसका खंडन किया है। उन्होंने सकोर के ऐतिहासिक नाम ‘श्री गौरपुर’ का उल्लेख करते हुए इसकी ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला।
जगनिक और आल्हा-ऊदल की गाथा का स्मरण
कार्यक्रम के प्रथम दिवस महाकवि जगनिक और आल्हा-ऊदल के इतिहास का विस्तृत वर्णन किया गया। हटा के युवा साहित्यकार पं. अजित अवस्थी ने जगनिक के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘आल्हा खंड’ वीर रस की अमर कृति है, जिसने जनमानस में वीरता और राष्ट्रभावना का संचार किया।केंद्रीय विद्यालय हटा के आनंद कुसमरिया ने सकोर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर जानकारी देते हुए बताया कि प्राचीन काल में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने सकोर की सांस्कृतिक विरासत और आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति
महोत्सव में जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम पटेल, विधायक प्रतिनिधि लालचंद खटीक, पूर्व विधायक पी.एल. तंतुवाय, शिवचरण पटेल, लक्ष्मण तिवारी, गोपाल पटेल, डॉ. सी.एल. नेमा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक माधव पटेल ने किया।हटा जनपद सीईओ संजीव गोश्वामी, बीएमओ डॉ. उमाशंकर पटेल, परियोजना अधिकारी मिनी अर्पिता नाथन, थाना प्रभारी सौरभ शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए।
स्टॉल प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र
आल्हा-ऊदल स्टेडियम में स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से घरेलू उत्पादों, जैविक खेती एवं विभिन्न योजनाओं के स्टॉल लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई।महोत्सव का उद्देश्य सकोर की ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ना है।
