डॉ. मंजू कटारे ने बताया ऐतिहासिक कदम,मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे ने दी जानकारी

(डॉ एल एन वैष्णव)
दमोह | 27 फरवरी (शुक्रवार)जिला मुख्यालय दमोह में भारत सरकार की जी राम जी योजना (जी राम जी अधिनियम, 2025) को लेकर जिला पंचायत सभाकक्ष में विस्तृत पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे एवं जिला पंचायत की उपाध्यक्ष डॉ. मंजू कटारे प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
प्रवीण फुलपगारे ने रखी योजना की रूपरेखा
मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए यह अधिनियम एक सुदृढ़ वैधानिक ढांचा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि “विकसित ग्राम पंचायत से विकसित भारत की ओर” की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए ग्राम स्तर पर योजना निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी को अधिक प्रभावी बनाया गया है। फुलपगारे ने अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित 27 प्रमुख बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी और स्पष्ट किया कि यह योजना पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी निगरानी पर आधारित होगी। डिजिटल उपस्थिति, आधार आधारित भुगतान तथा नियमित सामाजिक अंकेक्षण से व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का व्यापक उद्देश्य रखती है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर भी उन्होंने विस्तार से दिए।
डॉ. मंजू कटारे ने योजना को बताया दूरदर्शी पहल
जिला पंचायत की उपाध्यक्ष डॉ. मंजू कटारे ने अपने वक्तव्य में कहा कि विकसित भारत की मजबूत नींव विकसित ग्राम पंचायत योजना है। उन्होंने कहा कि जब गांव आत्मनिर्भर होंगे तभी राष्ट्र विकसित बनेगा, और जी राम जी अधिनियम 2025 इसी सोच को साकार करता है।डॉ. कटारे ने विशेष रूप से 125 दिन की रोजगार गारंटी को ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान ग्रामीणों के अधिकारों को और अधिक सशक्त बनाता है।उन्होंने कृषि हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि फसल बुवाई और कटाई के समय श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 60 दिवस तक कार्य-विराम की व्यवस्था किसानों और मजदूरों दोनों के हित में संतुलित निर्णय है।डॉ. कटारे ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया यह अधिनियम दूरगामी परिणाम देगा और विकसित भारत अभियान में मील का पत्थर साबित होगा।
125 दिन रोजगार की गारंटी : बढ़ी आर्थिक सुरक्षा
योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाएगा, जो पूर्व की 100 दिन की सीमा से अधिक है।यदि निर्धारित समय सीमा में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम आय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
जल संरक्षण और आधारभूत संरचना पर विशेष फोकस
योजना के अंतर्गत नहर, तालाब, चेक डैम, कुओं का निर्माण एवं पुनरुद्धार, तटबंध निर्माण और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।ग्रामीण सड़कें, पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण हाट-बाजार, भंडारण संरचनाएं और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
पंचायतों की बढ़ी भूमिका और वित्तीय प्रावधान
योजना में कम से कम 50 प्रतिशत कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराए जाने का प्रावधान है। प्रशासनिक व्यय सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत की गई है।केंद्र-राज्य भागीदारी के अंतर्गत सामान्य राज्यों के लिए 60:40, पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्तपोषण तय किया गया है।
व्यापक उद्देश्य : आत्मनिर्भर और सशक्त ग्रामीण भारत
जी राम जी अधिनियम 2025 का उद्देश्य ग्रामीण आय में वृद्धि, जल संरक्षण, आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण और जलवायु अनुकूल विकास को बढ़ावा देना है।पत्रकार वार्ता में जिला जनसंपर्क अधिकारी वाय.ए. कुरैशी तथा परियोजना अधिकारी अभिलाषा शुक्ला भी उपस्थित रहीं।अंत में प्रवीण फुलपगारे और डॉ. मंजू कटारे दोनों ने आशा व्यक्त की कि यह योजना दमोह जिले सहित प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई दिशा स्थापित करेगी।
