नोहटा में कृषि नवाचार, जैविक खेती और आधुनिक तकनीकों की प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान

दमोह | 13 फरवरी /डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव के दौरान विशाल किसान सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को सुदृढ़ किया, बल्कि कृषि नवाचार और किसान कल्याण की दिशा में भी एक सशक्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम प्राचीन एवं आस्था के केंद्र नोहलेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके उपरांत उन्होंने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और अन्य संबद्ध विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का विस्तृत अवलोकन किया।
आधुनिक तकनीक और ‘एक जिला एक उत्पाद’ पर विशेष जोर
प्रदर्शनी में उन्नत कृषि तकनीकों, “एक जिला एक उत्पाद” योजना, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, तालाब के 3-लेयर सिस्टम, छात्र-छात्राओं द्वारा किए गए नवाचार, नवीन कृषि यंत्रों, जैविक पर्यटन ग्राम, जैविक हाट-बाजार, परंपरागत कृषि यंत्र, पशुपालन, उद्यानिकी, महिला एवं बाल विकास, पुलिस एवं वन विभाग की गतिविधियों को विस्तार से प्रदर्शित किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर रुककर जानकारी ली और नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और जैविक खेती ही भविष्य की कृषि का आधार है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने और सरकार की योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
विशेषज्ञों ने दिया तकनीकी मार्गदर्शन
सम्मेलन में तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. शांति स्वरूप सारस्वत (औषधीय फसल विशेषज्ञ) एवं ताराचंद बेल (जैविक एवं प्राकृतिक खेती विशेषज्ञ) ने किसानों को औषधीय फसलों की उन्नत खेती, प्राकृतिक खेती के लाभ और लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते जलवायु परिदृश्य में पारंपरिक खेती के साथ नवीन तकनीकों का समावेश आवश्यक है। ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, फसल विविधीकरण और मूल्य संवर्धन से किसानों की आय में वृद्धि संभव है।
दमोह मॉडल की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह जिले में आयोजित प्रदर्शनी और किसान सहभागिता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आयोजन अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शिता के साथ मिले।
बड़ी संख्या में किसान रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित रहे। सम्मेलन ने नोहलेश्वर महोत्सव को कृषि और विकास के दृष्टिकोण से नई पहचान प्रदान की।
इस आयोजन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ कृषि उन्नति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में भी सरकार गंभीर प्रयास कर रही है।
