विशेष रिपोर्ट

नई दिल्ली / भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित राष्ट्रीय परेड में एकलव्य विश्वविद्यालय की सहभागिता ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। यह क्षण विश्वविद्यालय, उसके छात्र-छात्राओं एवं संपूर्ण शैक्षणिक समुदाय के लिए गर्व, सम्मान और उपलब्धि का प्रतीक बन गया।
राष्ट्रीय मंच पर एकलव्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि भारतीय लोककला की समृद्ध परंपरा को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
विश्वविद्यालय नेतृत्व का सशक्त मार्गदर्शन
इस ऐतिहासिक सहभागिता के पीछे विश्वविद्यालय नेतृत्व का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया,प्रो. कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया,श्रीमती रति मलैया,माननीय कुलपति प्रो. डॉ. पवन कुमार जैन,कुलसचिव प्रो. डॉ. प्रफुल्ल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन, प्रेरणा और निरंतर सहयोग से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
ओडिसी विभाग की विशेष भूमिका
गणतंत्र दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के ओडिसी विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री तपन कुमार साहू की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने
नृत्य संयोजक एवं टीम लीडर के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
उनके निर्देशन में
शिवम विश्वकर्मा, सतेन्द्र यादव, अर्थ तारण, अभिनंदन जैन, सरिता साहिल सहित अन्य कलाकारों ने पारंपरिक घोड़ा नृत्य की भव्य प्रस्तुति दी, जो समारोह के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही।
भारतीय संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति
ओडिसी नृत्य एवं घोड़ा नृत्य की सशक्त प्रस्तुति ने भारतीय लोककला, सांस्कृतिक विरासत और विविधता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति ने न केवल समारोह की गरिमा को बढ़ाया, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर एकलव्य विश्वविद्यालय की सृजनात्मक पहचान को भी मजबूती से स्थापित किया।
समारोह की थीम को किया साकार
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम
“स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत”
रही।
एकलव्य विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने इस थीम को पूर्ण रूप से चरितार्थ करते हुए आत्मनिर्भर भारत, परंपरा और संस्कृति का सशक्त संदेश दिया।
राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व से भेंट
प्रस्तुति के उपरांत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को
भारत की राष्ट्रपति महोदया, माननीय प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं अन्य माननीय मंत्रियों से भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह क्षण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी और अविस्मरणीय रहा।
गर्व का विषय
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में एकलव्य विश्वविद्यालय की सहभागिता न केवल विश्वविद्यालय के लिए, बल्कि प्रदेश और देश के लिए भी गौरव का विषय है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
