सौंपा गया ज्ञापन, शहरभर में दिखा बंद का व्यापक असर
दमोह | 01 फरवरीयूजीसी कानून के विरोध में रविवार को दमोह जिले में सर्व समाज के आह्वान पर पूर्ण बंद रखा गया। बंद का व्यापक असर सुबह से ही शहर में देखने को मिला। बाजार, प्रतिष्ठान एवं व्यापारिक गतिविधियां स्वेच्छा से बंद रहीं, वहीं बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।प्रदर्शन के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों ने एकजुट होकर कानून का विरोध किया। करणी सेना के सैकड़ों सदस्यों ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए रैली में भाग लिया। सभी प्रदर्शनकारी अस्पताल चौक पर एकत्र हुए, जहां जमकर नारेबाजी की गई। मौके पर पुलिस एवं प्रशासनिक अमला तैनात रहा।अस्पताल चौक से रैली घंटाघर की ओर रवाना हुई, जहां विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। इसके पश्चात सभी समाजों के प्रतिनिधियों की सहमति से रैली कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां अलग-अलग समाजों द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौंपा गया।ज्ञापन विभिन्न सामाजिक संगठनों के लेटरहेड पर प्रस्तुत किए गए, जिनमें गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा दमोह, अग्रवाल समाज, करणी सेना परिवार, केशरवानी (गुप्ता) वैश सभा, पूज्य सिंधी पंचायत, मध्यप्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड ब्राह्मण सभा, क्षत्रिय करणी सेना, सर्व ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, श्री दिगंबर जैन पंचायत, असाटी समाज समिति, सकल हिंदू समाज, कायस्थ समाज एवं मराठा समाज शामिल रहे।इस अवसर पर अनुनय श्रीवास्तव एडवोकेट, पं. मनोज देवलिया, पं. नित्या प्यासी सहित विभिन्न हिंदू संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने यूजीसी कानून को जनविरोधी बताते हुए भारत सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।आंदोलन के दौरान हजारों की संख्या में नागरिकों की मौजूदगी रही और शहर के प्रमुख मार्गों पर बंद का स्पष्ट असर दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
