टाउन हॉल की प्राचीरें, फिर से चहक उठीं ,गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक शाम राष्ट्र के नाम पर
दमोह : 26 जनवरी/दमोह नगर का टाउन हॉल अपने पुराने गौरवशाली अतीत को याद कर झूम उठा। मध्य प्रदेश लेखक संघ दमोह के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि कहने को यह कहा जाता है कि बिना खडक ढाल के हमने आजादी प्राप्त की, परंतु शहीदों के बलिदान को हम भुला नहीं सकते। उन्होंने खुदीराम बोस सहित अन्य शहीदों को स्मरण कर कहा कि आज उन्हें याद करना प्रासंगिक है। उन्होंने आगे कहा 1842 में निर्मित इस टाउन हॉल के गौरवशाली अतीत को वापस लाने का जो संकल्प अमर सिंह राजपूत ने लिया वह अवश्य पूर्ण होगा इसकी मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा बरसों से बंद पड़े इस टाउन हॉल को पुनः जनोपयोगी बनाने हेतु किये जा रहे प्रयास सराहनीय है, अमर सिंह राजपूत ने जो संकल्प लिया उसे हम जनप्रतिनिधियों ने अपनी अनुमोदना देकर आगे बढ़ाया,वह बधाई के पात्र हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुरातत्व महत्व की टाउन हॉल जैसी इस संरचना को साहित्य, कला और संस्कृति संबंधित उद्देश्यों के लिए संरक्षित कर दिया गया है । इसका उपयोग आप सभी के लिए खुला हुआ है। इसके जीर्णोद्धार के लिए शीघ्र ही एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की जावेगी। संस्था अध्यक्ष इंजी अमर सिंह राजपूत ने कहा कि वर्षों से डंपिंग यार्ड बने इस भवन को पुनः जन उपयोगी बनाने के लिए उनके द्वारा किया गया कार्य गिलहरी की तरह एक छोटा कार्य है जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के सकारात्मक सोच और प्रयासों का ही यह नतीजा है कि आज हम गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इस भवन से राष्ट्र को अपना सलाम भेज रहे हैं। इस अवसर पर अतिथि के रूप में भाव सिंह जी लोधी, रामेश्वर चौधरी,नरेंद्र बजाज ने भी अपनी अपनी शुभकामनाएं दीं। अध्यक्षता कर रहे डॉ रघुनंदन चिले ने शुभकामनाओं में अपनी काव्य पंक्तियां अर्पित की। इस अवसर पर अनहद कला केंद्र के संचालक आलोक सोनवलकर के मार्गदर्शन में स्कूल की छात्राओं के द्वारा मनमोहक सरस्वती वंदना नृत्य प्रस्तुत किया गया। उसके बाद, नन्हे सिंह लोधी पुष्पा चिले, आशीष तंतुवाय, सदन नेमा, डॉ. इंद्रजीत कौर, कमलेश शुक्ला, पी.एस परिहार और अमर सिंह राजपूत ने राष्ट्रवादी रचनाओं की प्रस्तुति दी।
नरेंद्र बजाज और विधान चौबे द्वारा प्रस्तुत देश भक्ति के गानों पर श्रोता झूम उठे
युवा नाट्यमंच द्वारा प्रस्तुत जन गीतों ने राष्ट्रभक्ति की भावना को अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंचा दिया। राजीव अयाची और उनकी पूरी टीम ने एक से बढ़कर एक जन गीत प्रस्तुत किए, जिसकी सभी ने सराहना की।
इसके पूर्व प्रथम सत्र ओजेंद्र तिवारी के संयोजकत्व में और बी एम दुबे के संचालन में संपन्न हुआ, जिसके मुख्य अतिथि डॉ पी.एल शर्मा विशिष्ट अतिथि भाव सिंह जी लोधी और नन्हे सिंह जी रहे। इस सत्र में राष्ट्रवादी रचनाओं को प्रस्तुत करते हुए कवियों ने एक से बढ़कर एक राष्ट्रवादी रचनाओं को पढ़कर श्रोताओं को मंत्र-मुग्ध कर दिया। कविताओं का रसास्वादन कराने वाले प्रमुख कवि पीएस परिहार,पदमा तिवारी, टी चौधरी, मंजू राजपूत, दिनेश जैन राही, शिक्षक विवेक दुबे ,रामेश्वर चतुर्वेदी, रामकुमार तिवारी, मनोरमा रतले, संगीता पाराशर, मधुलता पाराशर, आनंद जैन, प्रेमलता उपाध्याय, संगीता पांडेय, चंद्रा नेमा, बबीता चौबे, गणेश राय, आराधना राय, केदारनाथ शर्मा, आसिफ अंजुम, पीसी शर्मा, डॉ. केदारनाथ शर्मा, विवेक दुबे, नरेंद्र अरजरिया आदि कवियों ने एक से बढ़कर एक राष्ट्रवादी रचनाओं को पढ़कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।आभार प्रदर्शन संस्था सचिव पीएस परिहर ने किया इस अवसर पर विवेक शेंडे,विद्यासागर पांडे, रवि वर्मन, मनोहर काजल के साथ नगर के गणमान्य नागरिकों की विशेष उपस्थिति रही।
