हटा विधायक उमादेवी ने आखिर पद से हटाने का आदेश जारी किया

दमोह/लगातार चर्चाओं में बने रहने वाले भरत पटेल अब विधायक प्रतिनिधि नहीं रहे उन्हे उनके पद से आखिर हटा विधायक उमादेवी खटीक को हटाना ही पडा। प्रतिनिधि बनने के पूर्व और बाद में लगातार विभिन्न मामलों को लेकर चर्चाओं में बने रहने वाले भरत पटेल इस समय जिला पंचायत दमोह के कुम्हारी क्षेत्र के रिक्त हुये सदस्य पद की पूर्ति के लिये होने जा रहे उप निर्वाचन को लेकर मैदान में हैं। ज्ञात हो कि जिला पंचायत सदस्य चंदन सिंह के दिवंगत हो जाने के कारण कुम्हारी क्षेत्र क्रमांक 10 रिक्त हो गया था। इसी रिक्त स्थान की पूर्ति के लिये निर्वाचन आयोग द्वारा उप निर्वाचन की प्रक्रिया को प्रारंभ किया गया है जिसमें भरत पटेल भी अपनी किस्मत आजमाने के लिये मैदान में आ गये हैं। 29 दिसम्बर को मतदान होना है और कुछ दिन मतदान होने के पूर्व विधायक उमादेवी खटीक उन्हे अपने प्रतिनिधि से मुक्ति दे दी है। चुनाव प्रचार के दौरान अनेक प्रकार चर्चायें चल रहीं थीं और आरोप प्रत्यारोपों को दौर भी चल रहा था।
कौन है भरत पटेल-
हटा विधायक उमादेवी के 2024 में विधान सभा आम निर्वाचन के बाद भारी मतों से विजयी होने के कुछ दिनों बाद अचानक चर्चाओं में भरत पटेल आये थे। दमोह जिले के पटेरा में बेंडर,सप्लायर और ठेकेदारी करने वाले भरत पटेल को विधायक श्रीमती खटीक ने अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया था। यहीं से शुरू हुई भरत की चर्चाओं और विवादों की यात्रा क्योंकि उनका नाम यहां होने वाले निर्माण,ठेेका,राजनैतिक दखलंजी में आने लगा था। अवैध उत्खनन के मामलों में भी लगातार इनके नामों की चर्चा सोशल मीडिया पर वीडियो समाचारों सहित वायरल होती रही। विधायक निधि की राशि का उपयोग स्वयं या अपनों के नाम पर करने के साथ पिछले विधायक के कार्यकाल में हुये निर्माण कार्यों को अपने खाते में नवीन निर्माण बताकर राशि हडपने के मामलों में लगातार इनका नाम चर्चाओं में बना रहा है। भरत पटेल पर अपराधिक मामलों में लिप्त होने की भी लगातार क्षेत्र में चर्चायें बनी रहीं हैं। विधायक खटीक को एक लक्जरी चार पहिया वाहन उपहार में देने का मामला भी चर्चाओं में बना रहा था। बताया जा रहा है कि यह वाहन भरत पटेल के नाम से परिवहन विभाग में दर्ज है। जिसके कारण हटा विधायक उमादेवी खटीक को अनेक बार स्वयं विभिन्न प्रकार के आरोपों का शिकार होना पडा। विधायक श्रीमती खटीक की छबि पर इस बात को लेकर विपरीत प्रभाव लगातार पिछले लम्बे समय से पड रहा था।

क्या होगा खेला,निर्वाचन पर पडेगा प्रभाव
जिला पंचायत दमोह सदस्य के रिक्त स्थान क्षेत्र क्रमांक 10 कुम्हारी के लिये चल रहे उप निर्वाचन की प्रक्रिया में 29 दिसम्बर को मतदान होना है। यहां 77 मतदान केन्द्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे एवं प्रतिनिधि को चुनेंगे। मैदान में 15 उम्मीदवार मैंदान में हैं जो लगातार मतदाताओं से संपर्क करने में लगे हुये हैं। राजनीति के जानकारों की माने तो यहां पर बेनी सिंह नन्ना ,कंुवर साहिल चंदन सिंह एवं भरत पटेल के बीच सीधा मुकाबला है लेकिन कुछ प्रत्याशी खेल बनाने बिगाडने में आगे दिखायी दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि भरत पटेल के द्वारा प्रचार एवं संपर्क के दौरान विधायक प्रतिनिधि होने तथा जबरन पद एवं सत्ता के साथ धन बल के उपयोग करने के आरोप लग रहे थे। प्रशासन एवं निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों को भी इस समय मानसिक दबाब डालने के प्रयास की चर्चायें बनी हुई थीं। विधायक प्रतिनिधि के पद से भरत पटेल जो अपने को विधायक से स्वयं को कम नहीं आंकते थे को हटाने के बाद कितना असर निर्वाचन पर पडेगा यह तो समय बतायेगा लेकिन राजनीति के जानकार बताते हैं कि खेला होने के लिये मैदान साफ हो चुका है।
